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नज़फगढ़ फायरिंग: 5 करोड़ रंगदारी मांगने वाले नंदू गैंग के 6 शूटर गिरफ्तार

Published: Thu, 15 Oct 2026 02:49 PM (GMT+05:30)

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नज़फगढ़ स्थित भावना मेडिकोज़ पर हुई फायरिंग और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की गुत्थी सुलझा ली है।

नज़फगढ़ फायरिंग ( एआई जेनरेटेड इमेज )

नज़फगढ़ फायरिंग ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. नज़फगढ़ भावना मेडिकोज़ फायरिंग केस सुलझाया गया।

  2. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के छह शूटर गिरफ्तार।

  3. विदेश से रची गई थी 5 करोड़ की रंगदारी साजिश।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नज़फगढ़ स्थित भावना मेडिकोज़ पर हुई फायरिंग और पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने की गुत्थी सुलझा ली है।

पुलिस ने इस मामले में गैंग्सटर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के छह शूटरों को गिरफ्तार किया है। पांच करोड़ रंगदारी न देने पर बदमाशों ने नंदू के कहने पर मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की थी। गिरफ्तार बदमाशों में शूटर, बाइक चलाने वाले, बदमाश और हथियार मुहैया कराने वाले शामिल हैं।

जांच में हुआ ये बड़ा खुलासा

विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच हर गाेविंद सिंह धालीवाल के मुताबिक, 19 सितंबर की रात साढ़े आठ बजे, नज़फगढ़ के नया बाजार स्थित ''भावना मेडिकोज़'' पर बाइक सवार दो हमलावर पहुंचे थे। बाइक के पीछे बैठे शूटर ने दुकान पर मौजूद संजय कुमार रोहिल्ला पर गोली चला दी थी।

खुशकिस्मती से निशाना चूक गया जिससे संजय कुमार की जान बच गई थी। गोली चलाने के दौरान हथियार जाम हो गया था, जिसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। जांच में सामने आया कि प्रापर्टी डील से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

परिवार को दी गई थी धमकी

रंगदारी न देने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में नज़फगढ़ थाने में रंगदारी मांगने, धमकी व आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया था। क्राइम ब्रांच में केस ट्रांसफर होने पर डीसीपी चंद्र कुमार सिंह और इंस्पेक्टर रामपाल की टीम ने जांच के बाद अलग-अलग जगहों से छह को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों में हरि प्रकाश उर्फ काला (झज्जर) ने मेडिकल स्टोर पर गोली चलाई थी। राहुल (झज्जर), फायरिंग के दौरान बाइक चला रहा था और खुद भी हथियार लिए हुए था। इसके पास से हथियार और इस्तेमाल में लाई गई ''किया सोनेट'' कार बरामद की गई है।

साहिल (झज्जर) पूरी साजिश का मुख्य मास्टर माइंड था। इसी ने पैसों का लालच देकर हरि प्रकाश और राहुल को वारदात के लिए तैयार किया था और उन्हें हथियार और पैसे दिए थे।

हथियारों को नेटवर्क तक पहुंचाया गया

आशिव राठी (झज्जर) मध्य प्रदेश के खरगोन से अवैध हथियार और कारतूस खरीदने मुहैया किया था। इसके पास से एक पिस्टल और तीन कारतूस मिले हैं। मंजीत (झज्जर) ने हथियार खरीदने के लिए 1.5 लाख रुपये की फंडिंग करने और आशिव के साथ मिलकर हथियारों को नेटवर्क तक पहुंचाया था।

ज्योति प्रकाश (नज़फगढ़), कपिल सांगवान का भाई। वारदात कराने के लिए अपने भाई के संपर्क में था। पूछताछ में पता चला कि पूरी साजिश विदेश में बैठकर रची गई थी। जर्मनी में मौजूद नवीन देशवाल (मंजीत का चचेरा भाई) ने विदेश में छिपे गैंग्सटर कपिल सांगवान के निर्देश को ज़मीनी स्तर पर साहिल उर्फ पिंटू तक पहुंचाया।

इसके बाद मंजीत और आशिव राठी ने खरगोन से तीन पिस्टल और 10 कारतूस का इंतजाम किया था। साहिल को दो पिस्टल, सात कारतूस और सात लाख की रकम सौंपी गई।

वारदात वाले दिन साहिल ने जौंटी बस स्टैंड पर शूटर हरि प्रकाश और राहुल को हथियार थमाए। घटना को अंजाम देने के बाद साहिल ने शूटर हरि प्रकाश को 2.5 लाख रुपये और राहुल को 25,000 व इस्तेमाल के लिए एक कार दी थी।

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