बुजुर्गों को निशाना बना रहे साइबर ठग, डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग दंपती से ठगे 18 लाख; 10 लाख और लेने की थी तैयारी
डिजिटल अरेस्ट ने अलग-अलग राज्यों में बुजुर्गों को निशाना बनाया। हालांकि दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने पांच मामलों में ...और पढ़ें
-1792339834700_m.webp)
प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
डिजिटल अरेस्ट से बुजुर्गों को ठग रहे साइबर अपराधी।
दिल्ली पुलिस ने 1.53 करोड़ रुपये का नुकसान रोका।
पांच राज्यों में बुजुर्गों को बनाया गया था निशाना।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठग बुजुर्गों की जीवनभर की कमाई लूटने के साथ अब उनका घर तक गिरवी रखने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
राजस्थान में 80 वर्षीय कपड़ा कारोबारी और उनकी पत्नी को करीब 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर ठगों ने 18 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद दंपती पर घर गिरवी रखकर 10 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया। लेकिन दिल्ली पुलिस की आइएफएसओ यूनिट की समय रहते की गई कार्रवाई से दंपती का घर बच गया।
दिल्ली पुलिस पांच मामलों में किया हस्तक्षेप
दिल्ली पुलिस की आइएफएसओ यूनिट के फाइनेंशियल मानीटरिंग सेल की प्रोएक्टिव विक्टिम आइडेंटिफिकेशन एंड प्रोटेक्शन टीम ने पांच राज्यों में ऐसे पांच मामलों में हस्तक्षेप कर कुल 1.53 करोड़ रुपये के संभावित अतिरिक्त नुकसान को रोका। इनमें अधिकांश मामले डिजिटल अरेस्ट से जुड़े थे, जबकि गुजरात में निवेश धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
एक खाते से खुला ठगी का नेटवर्क
आइएफएसओ यूनिट के उपायुक्त अनियेश राय के मुताबिक 14 सितंबर को सागरपुर के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को ठगों ने खुद को टेलीकाम नियामक ट्राई का अधिकारी बताकर फोन किया। आधार कार्ड के दुरुपयोग और कनाडा में अवैध गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी गई।
इसके बाद उनसे विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करा ली गई। शिकायत के बाद 29 सितंबर को ई-एफआइआर दर्ज हुई। मामले की जांच के दौरान टीम को हैदराबाद के एक एक्सिस बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन का पता चला। आगे की जांच में पांच अन्य पीड़ितों के पैसे भी इसी खाते में पहुंचने की जानकारी मिली।
चार राज्यों में भी बुजुर्गों को बनाया निशाना
दिल्ली में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के 77 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी से 25 लाख रुपये लेने के बाद ठग तीन लाख और मांग रहे थे। उन पर सोना-चांदी गिरवी रखने का दबाव भी था। टीम ने उन्हें जागरूक कर करीब 3.48 लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान बचाया।
उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्त नर्स और रेलवे कर्मचारी दंपती से ठग पहले ही करीब 52 लाख रुपये ऐंठ चुके थे। अब उनकी 10 लाख की एफडी तुड़वाने की तैयारी थी। महाराष्ट्र में एक 65 वर्षीय अस्पताल सहायक से 85 लाख रुपये ठगने के बाद आरोपित उनकी बेटी और दामाद की एफडी से 55 लाख रुपये और लेने की कोशिश कर रहे थे। टीम ने दोनों मामलों में आगे की रकम ट्रांसफर होने से रोक दी।
वहीं, गुजरात के एक कारोबारी को निवेश के नाम पर ठगा गया। समय रहते चेतावनी और लगातार फालोअप से उन्हें एक करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश में से करीब 75 लाख रुपये और गंवाने से बचा लिए गए।
यह भी पढ़ें- रात के अंधेरे में वायुसेना का लाइफ-सेविंग मिशन, लेह से C-130J से एयरलिफ्ट कर मरीज को दिल्ली AIIMS में कराया भर्ती
