नोएडा में चल रहा था 'ठगी का फर्जी ऑफिस', दिल्ली पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़; मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पूर्वी दिल्ली साइबर पुलिस ने पर्सनल लोन, बीमा और नौकरी दिलाने के नाम पर तमिलनाडु के लोगों से ठगी करने ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया।
HighLights
तमिलनाडु के लोगों से पर्सनल लोन धोखाधड़ी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।
पूर्वी दिल्ली साइबर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया।
मास्टरमाइंड रवि शर्मा सहित तीन आरोपी नोएडा से गिरफ्तार हुए।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पर्सनल लोन, बीमा पॉलिसी और नौकरी दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु के लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान रवि शर्मा, सनी कश्यप और गौरव के रूप में हुई है।
नोएडा के सेक्टर-2 में फर्जी लोन और फाइनेंशियल सर्विस का कार्यालय चला रहा थे। पुलिस ने इनके कब्जे से सात मोबाइल , चेकबुक, पासबुक और आधार कार्ड बरामद किए हैं।
39 हजार रुपये ठगे
डीसीपी पूर्वी जिला राजीव कुमार ने बताया कि तमिलनाडु निवासी बालमुरुगन ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि मुद्रा फाइनेंस के नाम पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे 39 हजार रुपये ठग लिए गए।
वहीं, जांच के दौरान पुलिस को लक्ष्मी नगर स्थित कर्नाटक बैंक के एक संदिग्ध खाते का पता चला। बैंक खाते की जांच में 2.60 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले।
त्रिलोकपुरी से किया गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद रवि नोएडा के सेक्टर-23 से गिरफ्तार किया। इसके दोनों साथियों को त्रिलोकपुरी से गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि रवि तमिलनाडु के लोगों को लोन, बीमा और नौकरी दिलाने का झांसा देता था। वहीं, गौरव कमीशन का लालच देकर अपने रिश्तेदार सनी से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता था।
वहीं, इन खातों की चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड अपने पास रखकर वह रवि को उपलब्ध कराता था। इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी। पुलिस को दोनों के बीच हुई वॉट्सएप बातचीत से भी अहम सुराग मिले हैं।