गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर 1 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले इंडिया-दुबई नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की एसटीएफ ने गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर दो कारोबारियों से एक-एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने ...और पढ़ें
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इंडिया-दुबई नेटवर्क का पर्दाफाश। AI जनरेटेड
HighLights
उत्तरी जिला पुलिस की एसटीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई।
इंडिया-दुबई नेटवर्क का पर्दाफाश, गोलीबारी की साजिश नाकाम।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में उत्तरी जिला पुलिस की एसटीएफ ने गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले इंडिया-दुबई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिल्ली के दो कारोबारियों को एक ही यूएई नंबर से धमकी देकर 1-1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर भी किराये पर लिए गए थे। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने फायरिंग की साजिश को नाकाम कर दिया।
मामला 16 सितंबर की रात का है। रूप नगर निवासी कारोबारी प्रवीण जैन को रात करीब 8:15 बजे तीन मिस्ड कॉल आईं।
17 सितंबर को FIR दर्ज हुई
इसके बाद उनके बेटे आयुष को यूएई नंबर से कॉल कर खुद को गोल्डी बराड़ का साथी बताते हुए 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस संबंध में रूप नगर थाने में 17 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई।
संदिग्धों से पूछताछ
वहीं, जांच में पुलिस को फ्रांस से जुड़े आईपी एड्रेस और वीपीएस आधारित संचार व्यवस्था के सुराग मिले। तकनीकी जांच में यूएई कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने देहरादून और करनाल से जुड़े संदिग्धों से पूछताछ की, जिसके बाद शामली के आरिफ उर्फ पिस्टल की भूमिका सामने आई।
आरोप है कि उसने दुबई में मौजूद आरिश से धमकी भरी काल करवाने के लिए रकम की पेशकश की और उसे हरियाणवी में बात करने को कहा।
जांच में टिटवारा के मुबारक उर्फ गुल्लू को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया। आरोप है कि उसने किराड़ी में शूटरों के रहने की व्यवस्था की थी। आरिफ को अहमदाबाद पुलिस की मदद से अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया, जबकि वांछित शूटर नवाब अली उर्फ सोनीज को आरपीएफ की मदद से रेवाड़ी के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया।
1 करोड़ की रंगदारी मांगी
इसी यूएई नंबर से 19 सितंबर को रोहिणी के निर्माण कारोबारी मनोज मलिक के भाई को भी व्हाट्सएप काल कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
पुलिस के मुताबिक, कालर ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा बताते हुए 48 घंटे में रकम नहीं देने पर गोलीबारी की धमकी दी थी।
इस मामले में विजय विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अब दुबई में मौजूद आरोपितों और भारत में उनके सहयोगियों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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