दिल्ली पुलिस ने पकड़े MBA और B-Tech पास 8 ठग, 14 दिन में किया 4.5 करोड़ का खेल; कंबोडिया से जुड़ा कनेक्शन
दिल्ली पुलिस ने कंबोडिया से जुड़े एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने ऑनलाइन निवेश के नाम ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने पकड़े आठ साइबर ठग। फोटो: सांकेतिक
HighLights
अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया
गिरोह के तार कंबोडिया से जुड़े, 8 आरोपी गिरफ्तार हुए
ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी की गई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन साउथ-वेस्ट की टीम ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है।
जांच में गिरोह के तार कंबोडिया से संचालित विदेशी साइबर ऑपरेटरों से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बी-टेक, एमबीए और साइबर सिक्योरिटी डिप्लोमा धारक युवक भी शामिल हैं। इनसे 8 मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, कमीशन शेयरिंग रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी ऑनलाइन स्टॉक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए एक शिकायतकर्ता से करीब 24 लाख रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया गया, उनसे जुड़े 60 से अधिक NCRP शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों में सिर्फ 14 दिनों में करीब 4.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
इस तरह किया गया खुलासा?
20 मार्च 2026 को साउथ-वेस्ट जिला साइबर थाने में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां एडमिन खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। ग्रुप में फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए जाते थे, जिससे लोगों का भरोसा जीता जाता था।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में करीब 24 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में जब उसने पैसा और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उससे अतिरिक्त रकम मांगी जाने लगी। खुद के ठगी का शिकार होने का एहसास होने पर उसने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे थे वॉट्सऐप नंबर
तकनीकी जांच और मनी ट्रेल एनालिसिस में पता चला कि फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप नंबर कंबोडिया से संचालित हो रहे थे। वहीं फर्जी निवेश वेबसाइट को अपराध के बाद बंद कर दिया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम कई राज्यों में खोले गए फर्जी फर्मों के बैंक खातों में भेजी जाती थी। ये खाते म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में छापामारी
पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहाली निवासी हरमनजोत सिंह और कैसर मसूदी, पानीपत निवासी अभिषेक, जाफराबाद, दिल्ली निवासी मोहम्मद जाहिद और आमिर मलिक, जबलपुर निवासी अमरजीत अहिरवार और आलोक शर्मा और रीवा निवासी अनंत पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।
APK ऐप्स से चल रहे थे बैंक खाते
पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुछ बैंक खातों को राजस्थान से रिमोट एक्सेस APK एप्लिकेशन के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था। विदेशी साइबर ठग इन खातों को दूर बैठकर नियंत्रित करते थे, जिससे असली संचालकों की पहचान छिपी रहती थी।
पढ़े-लिखे युवकों की संलिप्तता ने बढ़ाई चिंता
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ उच्च शिक्षित हैं। इनमें साइबर सिक्योरिटी डिप्लोमा, एमबीए और बी-टेक डिग्री धारक शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
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