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दिल्ली साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, सात अंतरराज्यीय गिरोहों के 14 शातिर ठग गिरफ्तार

Published: Sat, 06 Jun 2026 09:34 PM (IST)

मध्य जिला साइबर सेल ने मई में अभियान चलाकर सात अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ...और पढ़ें

बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट्स को ध्वस्त करते हुए 14 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट्स को ध्वस्त करते हुए 14 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। साइबर ठगों के खिलाफ मध्य जिला की साइबर सेल थाना पुलिस ने मई माह में अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीमों ने राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर सात बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट्स को ध्वस्त करते हुए 14 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के अनुसार एसीपी (आपरेशंस) पदम सिंह राणा और साइबर थाना के एसएचओ योगराज दलाल की टीम ने यह कार्रवाई की है।

केस 1: आरोपित अंशुल यादव ने हूबहू सरकारी परिवहन वेबसाइट जैसी दिखने वाली एक फर्जी वेबसाइट 'परिवहन आनलाइन' बनाई थी। यहां लोगों को वीआइपी या मनपसंद गाड़ी का नंबर प्लेट बुक करने के नाम पर ठगा जाता था। आरोपित तुरंत नई वेबसाइट लाइव करने के लिए रेडी-टू-यूज जिप फाइलों का इस्तेमाल करता था। अंशुल एमसीए है और इटावा का रहने वाला है।

केस 2: ठगों द्वारा वाट्सएप के जरिये लोगों को ट्रेडमेकरएल्गो नाम का फर्जी एप डाउनलोड कराया जाता था। एप में झूठा मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम निवेश कराई जाती थी। इसका मुख्य सर्वर बेंगलुरु से और कालिंग सेंटर मध्य प्रदेश से चल रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के 14,232 फर्जी ट्रांजक्शन और 636 पीड़ितों का पता लगाकर उन्हें सूचित कर दिया था। इस मामले में 30 लाख के सालाना पैकेज वाला आइटी इंजीनियर रवि राठौर, विकास राठौड़ और सुदामा को गिरफ्तार किया गया।

केस 3: इस गिरोह के सदस्य रूममेट्स इंटरनेट मीडिया पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर कमेंट्स में लिखते थे कि एक बाबा ने उनकी जिंदगी बदल दी है। जब दुखी लोग उनसे संपर्क करते तो ये खुद को तांत्रिक बताकर 'विशेष पूजा' और 'तंत्र विद्या' के नाम पर पैसे ऐंठते थे। इन लोगों ने करीब दो हजार से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में मोहाली निवासी गणेश और मनदीप सिंह और श्रीगंगानगर निवासी अमरनाथ व दीपांशु को गिरफ्तार किया गया।

केस 4: आरोपित टेलीग्राम पर जामतारा आफिशियल डेवलपर के नाम से एक्टिव था। वह ऐसा एपीके वायरस एप बनाता था, जिसे एंटीवायरस भी नहीं पकड़ पाते। ये लोग पीड़ितों को बिजली कटने का डर दिखाकर कस्टमर सपोर्ट एप डाउनलोड करवाते थे और फोन का पूरा रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते खाली कर देते थे। इस मामले में देवरिया निवासी अभय साहनी को गिरफ्तार किया गया।

केस 5: बेरोजगार युवाओं को ठगने के लिए इंस्टाग्राम पर स्वीटी वर्क 67 नाम से विज्ञापन चलाए जाते थे। इसमें घर बैठे काम देने का वादा करके युवाओं को पहले 'रजिस्ट्रेशन फीस' और फिर 'जीएसटी चार्ज' में फंसाकर पैसे ऐंठे जाते थे। इस मामले में पशु चिकित्सा के छात्र राजस्थान के अनुज मीणा को गिरफ्तार किया गया।

केस 6: शातिर ठग ने खुद को पेटीएम व केवाईसी एग्जीक्यूटिव बताकर चाय वाले से उसका फोन लिया और पलक झपकते ही चाय वाले की पूरे सालभर की कमाई करीब 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर ली। इस मामले में विशेष सिंह, सचिन मौर्य और आशीष शर्मा को गिरफ्तार किया गया।

केस 7: 15 साल पुराने एक ड्राइवर ने अपने बुजुर्ग मालिक की भूलने की बीमारी का फायदा उठाकर उनके फोन से खुद के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लिए थे। इस मामले में देविंदर को गिरफ्तार किया गया।

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