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Exclusive: हीरो फिनकॉर्प में ₹12.84 करोड़ की साइबर ठगी, दिल्ली पुलिस ने चीनी सिंडिकेट का किया पर्दाफाश; 5 गिरफ्तार ​

Published: Wed, 16 Sep 2026 05:57 PM (IST)

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने हीरो फिनकॉर्प में हुए ₹12.84 करोड़ के साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस ...और पढ़ें

हीरो फिनकॉर्प में ₹12.84 करोड़ साइबर ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस ने चीनी सिंडिकेट का किया पर्दाफाश। (एआई जेनरेटेड इमेज)

हीरो फिनकॉर्प में ₹12.84 करोड़ साइबर ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस ने चीनी सिंडिकेट का किया पर्दाफाश। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. हीरो फिनकॉर्प में ₹12.84 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़।

  2. दिल्ली पुलिस ने चीनी सिंडिकेट से जुड़े 5 आरोपी दबोचे।

  3. एक बैंक रिलेशनशिप मैनेजर भी गिरफ्तार, ₹1.7 करोड़ फ्रीज।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन्स) यूनिट ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के साथ हुई ₹12.84 करोड़ की बड़ी साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े साइबर सिंडिकेट के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक निजी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर (RM) भी शामिल है।

बिना अनुमति उड़ गए ₹12.84 करोड़, 1.7 करोड़ की राशि फ्रीज

मामला तब सामने आया जब हीरो फिनकॉर्प को HDFC बैंक के सिस्टम अलर्ट से पता चला कि उनके कॉर्पोरेट खाते से बिना किसी अनुमति या निर्देश के 317 अनधिकृत डिजिटल लेनदेन किए गए हैं। जालसाजों ने 34 अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹12,84,09,997 ट्रांसफर कर लिए। शिकायत मिलते ही स्पेशल सेल ने एफआईआर (FIR No 135/26) दर्ज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए IFSO की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और ₹1.7 करोड़ की राशि को बैंक खातों में ही होल्ड (फ्रीज) करवा कर सुरक्षित कर लिया।

टेलीग्राम के जरिए चीनी सिंडिकेट से जुड़े थे तार

जांच में सामने आया कि यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में था। भारत में ठगे गए पैसों को क्रिप्टोकरंसी (USDT) में बदलकर विदेश बैठे मुख्य आकाओं को भेजा जा रहा था।

देशभर में छापेमारी, ये 5 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

  1. विकास (30 वर्ष): जयपुर में आरबीएल (RBL) बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर। इसने आरोपी नमन के फर्जी खाते खुलवाए और उसे मुख्य हैंडलर से मिलवाया।
  2. हरमन (24 वर्ष): बीकानेर (राजस्थान) का निवासी। यह टेलीग्राम पर चीनी ग्रुप्स और मुख्य सरगना देवेंद्र सिंह चौहान के संपर्क में था। यह खातों को ऑपरेट करने के बदले कमीशन लेता था।
  3. नमन कुमार: जयपुर (राजस्थान) का निवासी। इसके 'यस बैंक' और 'इंडसइंड बैंक' के खातों में 1.10 करोड़ रुपये से ज्यादा का फ्रॉड मनी आया। इसका इंडसइंड बैंक खाता देशभर में दर्ज 43 साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
  4. लवली (26 वर्ष): कुरुक्षेत्र (हरियाणा) का निवासी। इसके 'प्रॉपर्टी गैलरी' नाम के खाते में ₹80 लाख की ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी।
  5. अभय कुमार सोलंकी: बुलंदशहर (यूपी) का निवासी। इसके खाते में ₹60,000 क्रेडिट हुए, जिन्हें एटीएम से कैश निकाला गया।

ऐसे अंजाम देते थे वारदात

आरोपियों ने नमन कुमार के मोबाइल में एक फर्जी APK (Android Application Package) फाइल इंस्टॉल करवा दी थी, जिसके जरिए वे दूर बैठकर उसके बैंक खातों को कंट्रोल करते थे। नमन को दिल्ली के 'होटल निरवाना रेजीडेंसी' में ठहराकर उसके खातों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए पैसों को USDT क्रिप्टोकरंसी में बदलकर दुबई और अन्य देशों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, चेक बुक और 'प्रॉपर्टी गैलरी' की रबर स्टैंप बरामद की है।

यह एक संगठित और गंभीर साइबर अपराध है। इस सिंडिकेट के अन्य मुख्य सदस्य, जो दुबई और भारत के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं, की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। - गौरव त्यागी (IPS), डीसीपी, IFSO

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