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20 जुलाई को CJP के 'संसद चलो' मार्च से पहले सुरक्षा कड़ी, जगह-जगह बैरिकेडिंग; पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

Published: Sun, 19 Jul 2026 05:25 AM (IST)Updated: Sun, 19 Jul 2026 07:00 AM (IST)

संसद के मानसून सत्र से पहले CJP के 'संसद चलो' मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था ...और पढ़ें

जंतर मंतर पर काकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। जागरण

जंतर मंतर पर काकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। जागरण

HighLights

  1. CJP के 'संसद चलो' मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी।

  2. सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, अभिजीत दीपके ने संभाली कमान।

  3. शिक्षा सुधार, NEET पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी CJP के 'संसद चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।

नई दिल्ली जिले समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए हैं, वाहनों की सघन जांच की जा रही है और सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च स्तर पर रहेगी। इसी कारण नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली के कई हिस्सों में चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी के हाई-सिक्योरिटी जोन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

बिना अनुमति संसद की ओर मार्च नहीं

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद भवन की ओर किसी भी तरह के अनधिकृत मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, CJP की ओर से अब तक औपचारिक अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया गया है। वहीं, संसद सत्र के दौरान लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए अनुमति मिलने की संभावना भी बेहद कम मानी जा रही है।

इन इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, शंकर चौक, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस ने अतिरिक्त रिजर्व बल को भी तैयार रखा है। लगातार गश्त के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है।

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।

अभिजीत दीपके ने संभाली आंदोलन की कमान

वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संगठन का 'संसद चलो' कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया जाएगा। वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं मार्च में शामिल होंगी।

इन मुद्दों को लेकर चल रहा है आंदोलन

CJP और आंदोलन से जुड़े लोग शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने NEET (UG) परीक्षा में पेपर लीक के आरोप, CBSE की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी शिकायतों और अन्य शिक्षा संबंधी मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।

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