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CJP Protest: PM मोदी के खिलाफ पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा नोटिस

Published: Mon, 27 Jul 2026 06:09 AM (IST)Updated: Mon, 27 Jul 2026 06:57 AM (IST)

दिल्ली पुलिस ने NEET आंदोलन समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर ...और पढ़ें

PM मोदी के खिलाफ पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन। फाइल फोटो

PM मोदी के खिलाफ पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ पोस्ट पर कार्रवाई की।

  2. NEET आंदोलन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ।

  3. पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दे रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET परीक्षा को लेकर चले लंबे आंदोलन के समाप्त होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजकर आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, कई प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकांश चिन्हित वीडियो, पोस्ट व टिप्पणियां हटाई जा चुकी हैं। पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी कर रही है। नई सामग्री सामने आने पर संबंधित प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस भेजे जा रहे हैं और जल्द कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में चल रहा NEET आंदोलन समाप्त हुआ। आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म किया गया।

करीब 37 दिनों तक चले इस आंदोलन को शनिवार को वापस लेने की घोषणा की गई। CJP का दावा है कि सरकार ने उसकी कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना और भविष्य में आंदोलनकारियों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन शामिल है।

नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ बनी सहमति के आधार पर संगठन सद्भावना के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहा है। संगठन का कहना है कि तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू किया जाएगा।

CJP के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा भविष्य में ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं करने पर भी सहमति जताई है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

उधर, सोशल मीडिया पर कार्रवाई को लेकर CJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पुलिस के साथ छात्रों का संघर्ष

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक विवाद के बाद मई में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार की मांग में बदल गया था। 20 जून से जंतर-मंतर पर CJP ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। 20 जुलाई को सरकार और संगठन के बीच बातचीत शुरू हुई, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने के बाद इसे और गति मिली थी।

20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी हुआ। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते और बल प्रयोग करते हुए पुलिस दिखाई दी थी।

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