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दिल्ली में पिंक कार्ड बनवाने की मची होड़, अंतिम दिन सेंटरों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़

Published: Sun, 28 Jun 2026 09:11 PM (GMT+05:30)

राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से पिंक टिकट की जगह केवल पिंक कार्ड मान्य होने के कारण, अंतिम तिथि नजदीक ...और पढ़ें

कार्ड केंद्रों पर रविवार को कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। (AI Generated Image)

 कार्ड केंद्रों पर रविवार को कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। (AI Generated Image)

HighLights

  1. 1 जुलाई से पिंक टिकट अमान्य, केवल पिंक कार्ड मान्य।

  2. अंतिम तिथि नजदीक आने पर केंद्रों पर महिलाओं की भीड़।

  3. नेहरू प्लेस केंद्र पर अव्यवस्था, गर्मी में लंबा इंतजार।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में एक जुलाई से पिंक टिकट से यात्रा नहीं हो सकेगी। केवल पिंक कार्ड ही मान्य होगा। ऐसे में आखिरी तारीख आते ही विभिन्न पिंक कार्ड केंद्रों पर रविवार को कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान नेहरू प्लेस स्थित पिंक कार्ड केंद्र पर अव्यवस्था भी देखने को मिली।

समय सीमा समाप्त होने में अब केवल दो दिन का समय बचा है और सोमवार को पिंक कार्ड केंद्रों में अवकाश होता है। इसकी वजह से नेहरू प्लेस स्थित मुख्य केंद्र पर अचानक महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद अपनी बारी के इंतजार में सुबह से ही महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं।

सुबह 6 बजे से लगीं कतारें, गर्मी ने छुड़ाए पसीने

जून माह में झुलसाने वाली उमस और चिलचिलाती धूप ने कार्ड बनवाने आईं महिलाओं की कड़ी परीक्षा ली। कड़कती धूप के बीच सुबह छह बजे से ही महिलाएं अपने हाथों में आधार कार्ड लेकर केंद्र के बाहर जुटने लगी थीं। नेहरू प्लेस केंद्र पर दोपहर होते- होते अधिक महिलाओं की भीड़ अधिक हो गई। इस दौरान उमस और पसीने से बेहाल महिलाएं हाथ के पंखों और दुपट्टे से खुद को धूप से बचाती और पसीना पोंछती नजर आईं।

सुबह 11 बजे के बाद बिगड़े हालात, भड़का गुस्सा

केंद्र पर अव्यवस्था का आलम यह था कि सुबह 11 बजे तक काम सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन उसके बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब कार्ड मिलने में अत्यधिक देरी होने लगी, तो घंटों से कतार में खड़ी महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। घंटों इंतजार के बाद भी जब कार्ड नहीं मिला, तो कर्मचारियों और महिलाओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

कार्यालय के बाहर जमा आक्रोशित भीड़ कर्मचारियों से बार-बार एक सवाल पूछती नजर आई कि आखिर हमारा कार्ड कब तक मिलेगा और हमें इस भीषण धूप में कितनी देर और खड़ा रहना होगा। हालांकि, वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों द्वारा महिलाओं को समझाने और शांत कराने का प्रयास करने के साथ ही जल्द से जल्द कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को पूरा करने में लगे रहे।

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