दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: अगले डेढ़ महीने में PG के लिए आएगी पॉलिसी, एक ही पोर्टल पर मिलेगी सारी जानकारी
दिल्ली सरकार डेढ़ माह में पीजी आवासों और कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित करने के लिए व्यापक नीति लाएगी। इसमें छात्रों ...और पढ़ें
HighLights
डेढ़ माह में आएगी पीजी और कोचिंग संस्थानों की नीति।
छात्रों की सुरक्षा, सुविधाओं के लिए बनेगा कॉमन वेब पोर्टल।
नरेला में छात्रों के लिए आवास की संभावना तलाशी जा रही।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों और कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित करने के लिए सरकार अगले डेढ़ माह में व्यापक नीति लाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही पीजी आवासों की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने के लिए कामन वेब पोर्टल भी तैयार किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि पोर्टल के जरिए छात्रों को पीजी की उपलब्धता, वहां मिलने वाली सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की जानकारी मिल सकेगी।
आशीष सूद ने छात्रों के साथ बैठक कर समस्याएं जानीं
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को पीजी में रहने वाले छात्रों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं जानीं। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत और कई छात्रों के घायल होने के बाद सरकार ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हालांकि, मंत्री ने कहा कि पीजी को रेगुलेट करने और छात्रों के लिए आवास की व्यवस्था पर सरकार पहले से काम कर रही थी।
समझौते के नियमों के पालन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए
बैठक में छात्रों ने पीजी का किराया, उपलब्ध सुविधाएं, संचालकों की ओर से किए गए वादों को पूरा नहीं करने, समझौते के नियमों के पालन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए। मंत्री ने कहा कि कई मामलों में पीजी की इमारत का मालिक अलग, संचालन करने वाला व्यक्ति अलग और किराया वसूलने वाला व्यक्ति अलग होता है। ऐसे में छात्रों और पीजी संचालकों के बीच हुए समझौते को लागू कराना बड़ी चुनौती है।
प्रस्तावित नीति में पीजी आवासों के लिए सुरक्षा और अन्य मानक तय किए जाएंगे। नीति तैयार करने से पहले पीजी संचालकों, अभिभावकों, छात्र संगठनों और संबंधित विभागों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल से चर्चा कर प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी दूर करना बड़ी चुनौती
सरकार के सामने दिल्ली में बाहर से आने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी दूर करना भी बड़ी चुनौती है। मंत्री के अनुसार, दो लाख से अधिक छात्र दूसरे शहरों से दिल्ली आते हैं और उन्हें आवास की जरूरत होती है। सरकार डीयू के हॉस्टल के पुनर्विकास के लिए एफएआर बढ़ाने और भवन योजनाओं को जल्द मंजूरी देने पर भी काम करेगी।
नरेला में आवास के लिए संभावना भी तलाश रही सरकार
इसके अलावा नरेला में खाली पड़ी इमारतों को छात्रों के आवास के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना भी तलाश की जा रही है। इन स्थानों को शैक्षणिक संस्थानों से बस सेवा के जरिए जोड़ने की योजना पर भी विचार हो रहा है। सरकारी और संस्थागत हॉस्टल के विस्तार के बावजूद छात्रों की जरूरत पूरी करने में निजी क्षेत्र की भूमिका भी बनी रहेगी।
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