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दिल्ली सरकार कराएगी रैन बसेरों का मूल्यांकन, सुविधाओं; सुरक्षा और लोगों को इनकी उपलब्धता की होगी जांच

Published: Tue, 10 Feb 2026 09:47 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने शहरी बेघर आबादी के लिए रैन बसेरों की विस्तृत समीक्षा का निर्णय लिया है। दिल्ली शहरी आश्रय ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार कराने जा रही है रैन बसेरों का मूल्यांकन। फोटो: सांकेतिक

दिल्ली सरकार कराने जा रही है रैन बसेरों का मूल्यांकन। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. रैन बसेरों की प्रभावशीलता, सुविधाओं और सुरक्षा का मूल्यांकन

  2. बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षा का आकलन होगा

  3. कमजोर समूहों तक पहुंच और नीतिगत सुधारों पर ध्यान

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने शहर भर में फैले रैन बसेरों की विस्तृत समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य शहरी बेघर आबादी के लिए इन आश्रयों की प्रभावशीलता, सुविधाओं, सुरक्षा और पहुंच का मूल्यांकन करना है।

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डयूसिब) ने कहा कि यह अध्ययन रैन बसेरों के बुनियादी ढांचे का आकलन करेगा। इसमें बिस्तर, स्वच्छता, पीने का पानी, रोशनी, बिजली, प्राथमिक चिकित्सा और पके हुए भोजन की उपलब्धता शामिल है। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि क्या ये आश्रय निवासियों को मौसम, स्वास्थ्य जोखिमों और हिंसा- दुर्घटना से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करते हैं या नहीं।

डूसिब के अनुसार, 'अध्ययन में स्थान, प्रवेश नियम, परिचालन घंटे और महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और मौसमी प्रवासियों के लिए आश्रयों तक पहुंच की समीक्षा की जाएगी।' इसके अतिरिक्त, बेघर व्यक्तियों के बीच रैन बसेरों की पहुंच का भी पता लगाया जाएगा, साथ ही लोगों को इन सुविधाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु अपनाए गए जागरूकता प्रयासों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

अध्ययन में स्वास्थ्य में कमी, श्वसन संबंधी बीमारियों, संक्रमण, कुपोषण और मनोवैज्ञानिक तनाव जैसे अप्रत्यक्ष परिणामों की भी जांच की जाएगी। डयूसिब ने कहा कि मूल्यांकन आश्रयों और स्वास्थ्य सेवाओं, नशा मुक्ति कार्यक्रमों, पहचान दस्तावेजों और बेघर आबादी के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं के बीच संबंध का विश्लेषण करेगा।

साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि रैन बसेरों ने महिलाओं और बुजुर्ग निवासियों की सुरक्षा और गरिमा में सुधार किया है या नहीं। प्रशासनिक पहलुओं पर, बोर्ड ने कहा कि मूल्यांकन योजना, स्थान मानचित्रण और आश्रयों की क्षमता आवंटन के साथ-साथ डूसिब, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, सामाजिक कल्याण एजेंसियों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के बीच समन्वय की जांच करेगा।

दिल्ली सरकार के योजना विभाग ने मूल्यांकन करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए राष्ट्रीय परामर्श एजेंसियों और संस्थानों को आमंत्रित किया है। चयनित एजेंसी आश्रय निवासियों के मात्रात्मक सर्वेक्षण, सुविधा मूल्यांकन और अधिकारियों, एनजीओ ऑपरेटरों और कमजोर समूहों के साथ साक्षात्कार करेगी।

डूसिब के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में वर्तमान में 197 आश्रय गृह हैं, जिनमें से 82 पक्के भवनों में और 115 पोर्टा केबिन संरचनाओं में संचालित हैं। सर्वे में लगभग 2,000 लाभार्थियों को कवर किया जाएगा। निष्कर्षों से बुनियादी ढांचे, स्टाफिंग और सेवा वितरण में खामियों की पहचान करने और नीतिगत सुधारों को मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।

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