'मीट की दुकानें बंद हुई तो धरने पर बैठूंगी', नवरात्र में बैन को लेकर जोन चेयरमैन से भिड़ीं आप पार्षद
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठक में नवरात्र पर मीट की दुकानें बंद करने के निर्देश पर जोन चेयरमैन और ...और पढ़ें

नगर निगम की बैठक के दौरान जोन चेयरमैन के सामने समस्याएं रखते पार्षद। फोटो: जागरण
HighLights
नवरात्र में मीट की दुकानें बंद करने पर तीखी बहस हुई
लाइसेंस वाली दुकानों को सील करने के निर्देश पर आपत्ति जताई गई
मृत पशुओं को उठाने और अतिक्रमण पर भी सवाल उठे
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के उत्तर पूर्वी जिले की बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही। कुछ दिनों में नवरात्र शुरू होने वाले हैं। जोन चेयरमैन पंकज लूथरा ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे जोन में नवरात्र में मीट की एक भी दुकान नहीं खुलनी चाहिए।
लाइसेंस वाली भी अगर कोई दुकान खुलती है तो उसे सील करने के साथ लाइसेंस निरस्त करने करें। इसपर सीलमपुर से आप पार्षद शकीला बैगम भड़क गईं। उन्होंने कहा कि मीट की अवैध दुकानें सील होनी चाहिए, लेकिन लाइसेंस वाली दुकानों को अधिकारी परेशान नहीं करें।
सीलमपुर मुस्लिम बहुत क्षेत्र है, यहां अधिकतर मुस्लिम लोग रहते हैं। खाने वाला व्यक्ति खुद तय करें उसे नाॅनवेज खाना है या फिर वेज। उन्होंने अपने वार्ड में मीट की दुकानें बंद करवाने पर कहा कि वह धरने पर मीट कारोबारियों के साथ बैठेंगी। इसपर चेयरमैन ने पार्षद से कहा कि उन्हें सभी धर्म की आस्था का सम्मान करना चाहिए।
हिंदू व मुस्लिम सभी बराबर हैं। पार्षद नीता बिष्ट ने कहा कि बिना अनुमति के रामलीला मेला चलने की अनुमति नहीं दी जाए। अगर हादसा होता है तो अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराएंगे।
दो दिन तक पड़े रहते हैं, मृत पशु निगम नहीं उठाता
शिव विहार से पार्षद शिमला देवी ने कहा कि क्षेत्रों में बेसहारा गाय व आवारा कुत्ते मर जाते हैं। मृत पशुओं को उठाने के लिए निगम को काल की जाती है तो आने वाले कर्मचारी लोगों से रकम मांगते हैं। दो दिनो तक पशु सढ़ रहे होते हैं।
पार्षद को अधिकारी ने जवाब दिया कि शिकायत मिलने के 24 घंटे बाद पशुओं को उठाया जाता है। इसपर निगम उपायुत अमित ने अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सूचना मिलने के कुछ ही देर में पशुओं को उठा लें।
पार्षद ने अपनी ही पार्टी की ईमानदारी की पोल खोली
दिलशाद गार्डन वार्ड से भाजपा पार्षद वीएस पंवार ने कहा कि पिछली बैठक में निगम ने दावा किया था कि कुछ इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया है। लेकिन सव्वाई यह एक ठेली तक हटाई नहीं गई है।
आरोप लगाया कि दिल्ली में तीन इंजन की सरकार है। लेकिन सत्ता में रहते हुए पार्षदों की नहीं सुनी जा रही है। दिलशार्ड गार्डन में 50 से अधिक पार्क हैं। लेकिन एक भी में पानी की सुविधा नहीं है।
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