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दिल्ली में नवरात्र से त्योहारी उत्साह, 2.5 लाख करोड़ के कारोबार से अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान

Published: Sun, 11 Oct 2026 12:27 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में शारदीय नवरात्र के साथ त्योहारी बहार शुरू हो गई है, जिससे बाजारों में रौनक लौट आई है। दिल्ली ...और पढ़ें

दिल्ली में नवरात्र से त्योहारी उत्साह ( एआई जेनरेटेड इमेज )

दिल्ली में नवरात्र से त्योहारी उत्साह ( एआई जेनरेटेड इमेज )

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भक्ति, शक्ति, उल्लास और उमंग के पावन पर्व शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही दिल्ली पूरी तरह से उत्सव के रंग में रंग गई है।

मंदिरों में जहां जय माता दी के जयकारों और शंखनाद से वातावरण गुंजायमान हो रहा है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली के बाजारों में भी खरीदारी की रौनक और नई उम्मीदों का संचार हुआ है।

दिल्ली में शांति-व्यवस्था का माहौल

शनिवार को सीजेपी के आंदोलनों की चेतावनियों के कारण दिल्ली में जो डर और आशंका की धुंध बनी हुई थी। रविवार सुबह की नई लालिमा के साथ वह पूरी तरह छंट गई।

सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन की सतर्कता व मुस्तैदी की बदौलत राजधानी में शांति और व्यवस्था का माहौल बना हुआ है, जिसकी दिल्लीवासी सराहना कर रहे हैं। इस शांतिपूर्ण माहौल के बीच सनातनी अर्थव्यवस्था और त्योहारी खरीदारी को नया पंख लग गया है।

सनातनी अर्थव्यवस्था को मजबूती

दिल्ली व्यापार महासंघ के अनुसार, नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, करवा चौथ, भाई दूज, दीपावली, छठ महापर्व, गुरु नानक जन्मोत्सव व क्रिसमस तक के इस त्योहारी सीजन में दिल्ली के बाजारों में लगभग 2.5 लाख करोड़ के बड़े कारोबार की उम्मीद जताई गई है।

महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कपूर ने कहा कि यह त्यौहारी व्यापार न केवल दिल्ली की आर्थिक नींव को सुदृढ़ करेगा, बल्कि लाखों व्यापारियों, कर्मचारियों, परिवहनकर्ताओं और उनके परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बनेगा।

बाजारों की अपील, बंधक न बनाए दिल्ली

दिल्ली व्यापार महासंघ ने सभी विपक्षी राजनीतिक दलों व संगठनों से अपील की है कि वे त्यौहारों के इस बेहद महत्वपूर्ण समय में किसी भी प्रकार के आंदोलन, धरने या प्रदर्शन से बचें, जिससे बाजारों की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

महासंघ ने स्पष्ट किया कि यद्यपि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सर्वोपरि है, परंतु व्यापार, रोजगार और आम जनता की आजीविका को इसकी कीमत नहीं चुकानी चाहिए।

साथ ही, महासंघ ने दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन से बाजारों में सुरक्षा, सुचारू यातायात तथा शांति का वातावरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

महासंघ ने अधिकारियों से जीएसटी समेत अन्य कागजी कार्रवाई में व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने तथा मामूली दस्तावेज त्रुटियों पर त्योहारी सीजन के बाद समाधान करने का निवेदन किया है, ताकि अनावश्यक जांच और कठोरता से व्यापार प्रभावित न हो।

साथ ही ई-कामर्स कंपनियों की भ्रामक छूट और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग भी की गई है ताकि पारंपरिक और छोटे व्यापारियों के हित सुरक्षित रहें।

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