कुतुब मीनार पहुंचते ही घेर लेते हैं दलाल, दिल्ली के स्मारकों पर पर्यटकों से ठगी का खेल; हरकत में आए एलजी
दिल्ली के प्रमुख स्मारकों, खासकर कुतुब मीनार पर सक्रिय दलाल पर्यटकों को गुमराह कर देश की छवि खराब कर रहे हैं।

पर्यटकों के इंतजार में कुतुब मीनार पार्किंग परिसर में बैठे दलाल। सौजन्य- सुधी पाठक
HighLights
दिल्ली के स्मारकों पर दलाल पर्यटकों को गुमराह कर रहे हैं।
कुतुब मीनार पर 20 से अधिक दलाल सक्रिय होने की शिकायत।
उपराज्यपाल ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में तीनों विश्व धरोहर सहित सभी प्रमुख स्मारकों पर दलालों की बढ़ चुकी सक्रियता से पर्यटन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर देश की छवि खराब हो रही है। स्मारक परिसर के आसपास और पार्किंग क्षेत्र में पर्यटकों के पहुंचते ही दलाल उन्हें घेर लेते हैं।
होटल, खरीदारी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। मामले में स्थानीय पुलिस और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की निष्क्रियता के कारण सवाल उठ रहे हैं। विश्व धराेहर कुतुबमीनार के आसपास और पार्किंग परिसर में सक्रिय 20 से अधिक दलालों के बारे में उपराज्यपाल तक शिकायत पहुंची है, जिसमें स्थानीय पुलिस अधिकारी की मिलीभगत का जिक्र है।
एलजी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
एलजी कार्यालय ने कुतुबमीनार सहित सभी प्रमुख स्मारकाें पर सक्रिय दलालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एलजी कार्यालय ने ऐसी बीटों पर तैनात लापरवाह अधिकारियों को हटाने के भी निर्देश दिए हैं। उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इस मामले को संबंधित पुलिस अधिकारी के पास भेजते हुए तय समयसीमा में शिकायत पर कार्रवाई करने और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देने को कहा गया है।

कुतुबमीनार के बाहर पार्किंग में पर्यटकों के पीछे बाईं तरफ बात करने के लिए जाता दलाल।
इसमें विशेषकर कुतुबमीनार क्षेत्र में पर्यटकों को कथित तौर पर गुमराह करने वाले लोगों की गतिविधियों की जांच और पुलिस अधिकारी पर आरोपाें की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। देश की राजधानी दिल्ली ऐतिहासिक धरोहरों का प्रमुख केंद्र है।
यहां छोटे-बड़े मिलाकर 1,200 से अधिक स्मारक और ऐतिहासिक इमारतें हैं। इनमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में 174 स्मारक शामिल हैं। कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा और लाल किला दिल्ली की तीन विश्व धरोहर हैं।
इन इमारतों के बाहर भी दलाल सक्रिय
इसके अलावा पुराना किला, सफदरजंग का मकबरा, जंतर-मंतर, खान-ए-खाना का मकबरा, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद का किला, फिरोजशाह कोटला और हौज खास परिसर जैसे ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

खंभे के पीछे बैठे दलाल।
दिल्ली सरकार इन धरोहरों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, लेकिन स्मारकों के आसपास सक्रिय दलाल पर्यटकों को गुमराह कर दिल्ली की छवि खराब कर रहे हैं।
खासकर विश्व धरोहर कुतुब मीनार की पार्किंग में पर्यटकों के पहुंचते ही 20 से अधिक दलाल सक्रिय हो जाते हैं। वे होटल और खरीदारी सहित विभिन्न सुविधाओं के नाम पर पर्यटकों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
मामले की तथ्यात्मक जांच का आदेश
पर्यटन विभाग और दिल्ली पुलिस का इस समस्या पर ध्यान नहीं है। यहां तैनात स्थानीय पुलिस अधिकारी निहाल सिंह इस मामले में मिलीभगत के आरोप लगे हैं। इन अधिकारी पर पहले भी कई तरह के आराेप लग चुके हैं। जिस पर एलजी कार्यालय ने जांच कर कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस से कहा है।
एलजी से की गई शिकाय में पर्यटन विभाग से पार्किंग में सक्रिय लोगों की तत्काल पहचान और उनके सत्यापन की मांग की गई है। साथ ही, पार्किंग क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा संबंधित पर्यटक वाहनों के चालकों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया गया है, ताकि मामले की तथ्यात्मक जांच हो सके।
