इंटरनेट ठप, मेट्रो बंद और सड़कों पर महाजाम; प्रदर्शन से दिल्ली में जनजीवन बेपटरी!
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में मेट्रो और इंटरनेट सेवाएं बंद होने से लुटियंस दिल्ली में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो ...और पढ़ें

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में मेट्रो और इंटरनेट सेवाएं बंद होने से लुटियंस दिल्ली में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
HighLights
जंतर-मंतर प्रदर्शनों से लुटियंस दिल्ली में मेट्रो-इंटरनेट ठप।
स्कूली बच्चे घंटों जाम में फंसे, अभिभावक चिंतित।
ऑनलाइन भुगतान ठप, लोग पैदल घर जाने को मजबूर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर- मंतर से उठ रही नारों की गूंज और पुलिस के सुरक्षा घेरे ने बृहस्पतिवार को लुटियंस दिल्ली के आसपास पूरी तरह से आम जीवन की रफ्तार रोक दी है। एहतियात के तौर पर जंतर- मंतर से लगते क्षेत्रों के मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे बंद हैं और मोबाइल इंटरनेट पूरी तरह ठप है। इस प्रशासनिक पाबंदी का असर स्कूली बच्चे और उनके अभिभावकों पर भी दिखा।
मंडी हाउस में उमस भरी गर्मी के बीच वाहनों का जाम लगने से स्कूली वैन घंटों एक ही जगह खड़ी रही हैं और वैन के शीशों के पीछे पसीने से लथपथ, भूख और प्यास से बेहाल बच्चें परेशान होकर बार- बार खिड़कियों से बाहर झांकते रहे।

एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले साहिल नाम के छात्र ने बताया कि हम पिछले दो घंटे से कापरनिक्स मार्ग पर फंसे है। गाड़ियों के धुएं, शोर और गर्मी से सभी विद्यार्थी बहुत परेशान है, लेकिन आगे बढ़ने का कोई रास्ता नजर आ रहा है। मेट्रो सेवा बंद होने से विद्यार्थियों की परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। जाम के कारण 10 से 12 विद्यार्थियों ने बाद में निकलने का निर्णय लेते हुए जंतर- मंतर की प्रदर्शन में शामिल होने व देखने भी गए है।

सड़कों पर फंसे बच्चों की चिंता में घबराए अभिभावक खुद गाड़ियों से अपने बच्चों को लेने पहुंचे, लेकिन वह खुद जाम में उलझकर रह गए। दूसरी तरफ राहुल नाम के एक छात्र ने बताया कि इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण वह वाहन चालकों को न तो ऑनलाइन पेमेंट कर पा रहे है और न ही कैब, टैक्सी व बाइक बुक कर पा रहे है। अब एक समूह में पैसे एकत्रित करके ई- रिक्शा करके घर जा रहे है, लेकिन इससे भी जाम में फंसे हुए है।
जाम से बचने के लिए कई अभिभावक निराश होकर अपने छोटे -छोटे बच्चों की उंगली थामे, कंधों पर भारी बस्ते लादे पैदल ही घर की ओर निकलते नजर आए। तपती सड़क पर थके-हारे कदम बढ़ाते बच्चों और बदहवास माता-पिता की यह तस्वीरें इस वक्त प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। शहर के बीचों-बीच जिंदगी पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।
