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यमुना की सफाई और पशुपालकों की कमाई, दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों का गोबर अब नहीं जाएगा बेकार

Published: Wed, 15 Jul 2026 11:33 PM (IST)

एमसीडी अब दिल्ली के पशुपालकों से एक रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी, जिसका उपयोग कंप्रेस्ड बायो-गैस और जैविक खाद बनाने में होगा।

एमसीडी अब दिल्ली के पशुपालकों से एक रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इमेज एआई

एमसीडी अब दिल्ली के पशुपालकों से एक रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इमेज एआई

HighLights

  1. एमसीडी पशुपालकों से एक रुपये प्रति किलो गोबर खरीदेगी।

  2. गोबर से कंप्रेस्ड बायो-गैस और जैविक खाद बनेगी।

  3. यह पहल यमुना सफाई और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की डेयरी कालोनियों से निकलने वाला गोबर अब बेकार नहीं जाएगा। एमसीडी पशुपालकों से एक रुपये प्रति किलो में यह गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों की आय तो बढ़ेगी ही साथ ही सीवर में इसे बहाए जाने में कमी आएगी। जिससे यमुना सफाई की गति और तेज होगी।

गोबर से बनेगी बायोगैस और जैविक खाद

इसके लिए एमसीडी ने गृहमंत्री अमित शाह, सीएम रेखा गुप्ता और महापौर प्रवेश वाही की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना के तहत दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों निकलने वाले गोबर का उपयोग सीबीजी और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा। इसके साथ ही पशुपालकों से गोबर खरीदकर उन्हें एक रुपये प्रति किलोग्राम का भुगतान भी किया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पहल केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी स्वच्छता का मॉडल बनेगी। इससे शहरों की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, पशुपालकों की आय बढ़ेगी, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

दिसंबर 2028 तक यमुना में नहीं गिरेगा गंदा पानी

शाह ने कहा कि हर नागरिक यमुना को स्वच्छ देखना चाहता है, लेकिन जब तक उसमें सीवर, औद्योगिक अपशिष्ट और अन्य गंदगी का जाना नहीं रुकेगा तब तक इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता है।एमसीडी और एनडीडीबी के बीच हुआ यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यमुना शुद्धिकरण के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हम दिसंबर 2028 तक यह सुनिश्चित करेंगे कि एक भी लीटर यमुना में गंदा पानी न जाए।

1.25 लाख मवेशियों के गोबर का होगा प्रबंधन

उन्होंने बताया कि दिल्ली में सीवर और औद्योगिक अपशिष्ट के उपचार के लिए करीब 80 सीवेज और ट्रीटमेंट प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राजधानी में करीब 1.25 लाख मवेशियों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गोबर निकलता है, जिसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था इस परियोजना के जरिए की जाएगी।

डेयरी कॉलोनियों की समस्याओं का होगा समाधान

शाह ने कहा कि उन्होंने बताया कि नंगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर में सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं, महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार निगम को लगातार सहयोग कर रही है जिससे हम निगम के कार्यों को गति दे पा रहे हैं। नए समझौते से दिल्ली की डेयरी कालोनियों की काफी समस्याएं खत्म होगी।

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