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हौजरानी अग्निकांड: एक बड़ी चूक आई सामने, 5 मंजिला अवैध होटल को बताया चाय की दुकान; नोटिस जारी

Published: Tue, 09 Jun 2026 05:04 AM (IST)Updated: Tue, 09 Jun 2026 06:58 AM (IST)

दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों ने हौजरानी के एक पांच मंजिला होटल को निरीक्षण में चाय की दुकान बताया, जिसके ...और पढ़ें

दिल्ली हौजरानी अग्निकांड। जागरण

दिल्ली हौजरानी अग्निकांड। जागरण

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में हौजरानी की घटना के बाद नगर निगम की नींद टूटी तो अब निगम कर्मियों की करतूत सामने आ रही है।

नगर निगम के कर्मचारी 2025-26 में ही दो बार 'फ्लोरिश स्टे होटल' का निरीक्षण करने गए थे, लेकिन जांच के बाद रिपोर्ट में उन्होंने दोनों बार अवैध होटल को चाय की दुकान बता दिया।

नगर निगम ने अब पांच अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इसमें निरीक्षण करने वाले पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर (पीएचआई) और सहायक पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर से जवाब मांगा गया है। यह बातें नगर निगम की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में सामने आई हैं।

प्राथमिक जांच रिपोर्ट में पता चला

हौजरानी की घटना के बाद महापौर प्रवेश वाही ने जांच के आदेश दिए थे। इसकी आधिकारिक जांच रिपोर्ट तो नहीं आई है, लेकिन एमसीडी के सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि 'फ्लोरिश स्टे होटल' पिछले कई वर्षों से 'टी एंड स्नैक्स' का लाइसेंस एमसीडी से लेकर काम कर रहा था।

चूंकि चाय और स्नैक्स के लाइसेंसों के लिए स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य नहीं होता है। इसलिए कंप्यूटर द्वारा तय किए गए केवल 20 प्रतिशत लाइसेंसों का ही औचक निरीक्षण किया जाता था। इसलिए पहले इसकी कोई जांच ही नहीं हुई।

मार्च 2025 में पश्चिमी जोन के एक जिम में हुए विवाद के बाद, एमसीडी ने सभी तरह के त्वरित (इंस्टेंट) लाइसेंसों के लिए जमीनी निरीक्षण अनिवार्य कर दिया था। इसके तहत दक्षिणी जोन को ऐसे 1300 लाइसेंस मिले, जिनका भौतिक सत्यापन होना था।

इसके बाद हौजरानी वार्ड में तैनात पीएचआइ हीरालाल और एपीएचआइ केके गुप्ता और प्रिंस मान व अन्य दो को अलग-अलग समय पर इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में दो बार इस इमारत का जमीनी निरीक्षण हुआ और इस दौरान जिन अधिकारियों ने जमीनी निरीक्षण किया।

कार्रवाई क्यों न की जाए

उन्होंने रिपोर्ट में चाय की दुकान चलने की तो जानकारी दी लेकिन होटल की जानकारी नहीं दी। चूंकि इस इमारत को 2024 से बेड एंड ब्रेकफास्ट का दिल्ली पर्यटन विभाग से लाइसेंस मिला हुआ था इसलिए निगम ने 2023 से अब तक तैनात रहे पीएचआइ और एपीएचआई को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

दूसरे जोन के अधिकारियों की भी जांच शुरू

एमसीडी सूत्रों के अनुसार अब कार्रवाई केवल दक्षिणी जोन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निगम के सभी जोनों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की जाएगी। इसके तहत भवन विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, जनरल ब्रांच और सेंट्रल लाइसेंसिंग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जांच के दायरे में आएंगे।

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निगमायुक्त ने इस संबंध में विजिलेंस विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विजिलेंस की रिपोर्ट मिलते ही एमसीडी इसी सप्ताह दोषी अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी कर सकता है।