दिल्ली में सब्सिडी वाली बिजली के लिए नियम बदला, अब आधार से लिंक होगा आपका बिल; बिना KYC छूट खत्म
दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। इस ...और पढ़ें

दिल्ली में बिजली बिल में सब्सिडी का नियम बदला। फोटो: आर्काइव
HighLights
बिजली सब्सिडी के लिए आधार नंबर देना होगा अनिवार्य
फर्जीवाड़े को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य
एक से अधिक कनेक्शन पर सब्सिडी सीमित हो सकती है
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को आधार नंबर देना होगा।
इससे सरकार को लाभार्थियों के बारे में सही जानकारी उपलब्ध होगी। एक ही नाम पर एक से अधिक कनेक्शन लेकर इस योजना का लाभ उठाने वालों का भी पता चल सकेगा। कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में एक उपभोक्ता को सिर्फ एक ही कनेक्शन पर सब्सिडी सीमित की जा सकती है।
सब्सिडी के लिए आधार नंबर देना होगा अनिवार्य
दिल्ली में प्रति माह 200 यूनिट बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को शून्य बिल भेजा जाता है। यानी निश्शुल्क बिजली मिलती है। 201 से 400 यूनिट बिजली की खपत करने वालों को प्रति माह 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।
पिछले 10 वर्षों में बिजली सब्सिडी की राशि लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है। वर्ष 2015 में बिजली सब्सिडी पर 1442.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह वर्ष 2025-26 में बढ़कर 4037.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वित्त वर्ष 2024-25 में दिल्ली के करीब 73 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 84 प्रतिशत यानी 52.3 लाख ने बिजली सब्सिडी का लाभ लिया। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 55 लाख हो गई, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का करीब 87 प्रतिशत है।
वर्ष 2023 की कैग रिपोर्ट में भी बिजली सब्सिडी नीति की कमियों को इंगित किया गया था। यह कहा गया था कि पात्र और वंचित वर्ग को लक्षित करने की जगह समस्त घरेलू उपभोक्ताओं को भुगतान करना अनुचित है।
केवाईसी अनिवार्य, पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
दिल्ली सरकार ने अब इस योजना में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऊर्जा विभाग ने उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी कर बिजली सब्सिडी के लिए पहचान केवाईसी अनिवार्य कर दिया है।
इससे उपभोक्ता को बिजली वितरण कंपनियों और सरकार के साथ अपने आधार की जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य बिजली बिल पर मिलने वाली छूट की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और फर्जीवाड़े को रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से कागजी कार्रवाई में कमी आएगी और सिर्फ पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
ऐसे करें केवाईसी
उपभोक्ता को बिजली वितरण कंपनी के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। यदि उपभोक्ता के पास दिल्ली में आधार नामांकन नहीं है तो उन्हें इसके लिए आवेदन करना होगा और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए 14 अंकों की नामांकन आईडी संख्या के साथ आवश्यक विवरण जमा करना होगा।
बिजली सब्सिडी पर पिछले वर्षों में खर्च राशि
| वर्ष | सब्सिडी राशि (करोड़ रुपये) |
|---|---|
| 2015-16 | 1442.76 |
| 2016-17 | 1577.94 |
| 2017-18 | 1,676.70 |
| 2018-19 | 1699.29 |
| 2019-20 | 2405.59 |
| 2020-21 | 2939.99 |
| 2021-22 | 3,250.00 |
| 2022-23 | 3,161.22 |
| 2023-24 | 2426.65 |
| 2024-25 | 3,600.50 |
| 2025-26 | 4200.00 |
| 2026-27 | 3,500.00 (बजट आवंटन) |
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