लव कुश रामलीला: टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम, AI और 3D तकनीक का कमाल; 150 फीट के मंच पर सजेगा भव्य मीनाक्षी मंदिर
दिल्ली की लव कुश रामलीला में इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ, दर्शकों को हवा में युद्ध और बॉलीवुड कलाकारों के साथ एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी।

दिल्ली की लव कुश रामलीला में टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम
HighLights
150 फीट लंबा, 3 मंजिला मंच और भव्य मीनाक्षी मंदिर
एआई, 3डी मैपिंग और बड़े एलईडी स्क्रीन का उपयोग
हवा में युद्ध दृश्य और बॉलीवुड कलाकारों की भागीदारी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी दर्शकों को अक्टूबर महीने में रामलीला के आगाज का बेसब्री से इंतजार था। दिल्ली की मशहूर 'लव कुश रामलीला' हर साल दर्शकों के लिए कुछ नया लेकर आती है।
इस बार रामलीला में टेक्नोलॉजी, बड़े एलईडी (LED), एआई (AI) तकनीक और भव्यता का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने इस बार की तैयारियों को लेकर कई खास बातें साझा की हैं।
3 मंजिला मंच और भव्य मीनाक्षी देवी मंदिर
इस बार रामलीला का मंच बेहद विशाल है। यह 150 फुट लंबा, 60 फुट चौड़ा और 45 फुट ऊंचा है। मंच पर 24 फुट ऊंचा दक्षिण भारत की तर्ज पर मीनाक्षी देवी मंदिर बनाया गया है।
इसे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, मथुरा और वृंदावन के कारीगरों ने मिलकर पूरे 2 महीने में तैयार किया है। मंच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 3 मंजिलें हैं और तीनों मंजिलों पर एक ही समय में अलग-अलग कलाकार लीला करते नजर आएंगे।
आधा किलोमीटर दूर से भी साफ दिखेगी लीला
दर्शकों की सहूलियत के लिए मंदिर के ऊपर 140 फुट लंबी और 14 फुट ऊंची एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। इसके अलावा, 12x24 के दो बड़े पैनल भी लगाए गए हैं। पूरे मैदान में चारों तरफ एलईडी स्क्रीन लगी हैं, जिससे अगर कोई दर्शक आधा किलोमीटर दूर भी खड़ा हो, तो उसे मंच की लीला बिल्कुल साफ नजर आएगी।
बॉलीवुड कलाकारों और मशहूर डिजाइनरों का जलवा
इस बार राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, केवट और रावण जैसे मुख्य किरदार मुंबई से आए कलाकार निभा रहे हैं। नारद मुनि के रोल में दिखने वाले कलाकार ने करीब 400 फिल्में बनाई हैं। वहीं, सांसद मनोज तिवारी केवट का किरदार निभाएंगे।
कलाकारों के कपड़े, गहने, अस्त्र-शस्त्र और मेकअप आर्टिस्ट सब फिल्मों वाले हैं। ये वही डिजाइनर हैं जिन्होंने टीवी की मशहूर रामायण और महाभारत के लिए कॉस्ट्यूम बनाए थे।
हवा में होगा युद्ध और 3D टेक्नोलॉजी का कमाल
रामलीला को असली जैसा दिखाने के लिए 3D मैपिंग, DOP और डिजिटल साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। दर्शकों को ऐसा लगेगा जैसे सच में मंच पर नदी बह रही है, पक्षी चहचहा रहे हैं और शेर दहाड़ रहे हैं। इसके अलावा, दो बड़ी क्रेन लगाई गई हैं, जिनकी मदद से हवा के दृश्य फिल्माए जाएंगे।
जटायु युद्ध, सीता हरण और राम-रावण युद्ध हवा में होंगे, जहां तलवारें टकराने पर चिंगारियां निकलेंगी और बिजली कड़कने की आवाजें गूंजेंगी।
सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम
सुरक्षा को लेकर भी खास ध्यान रखा गया है। अध्यक्ष ने बताया कि मैदान में चारों ओर लोहे की ग्रिल और रेड स्टोन लगा है। आने-जाने के लिए कुल 7 गेट बनाए गए हैं। पूरी रामलीला पर नजर रखने के लिए 200 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हैं।
हजारों की संख्या में पुलिस जवान और करीब 200 ब्लैक कमांडो भी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। दर्शकों के आने से पहले और जाने के बाद पूरे ग्राउंड की सघन चेकिंग की जाएगी, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
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