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दिल्ली लोक अदालत में 'न्याय साथियों' ने निपटाए 1.76 लाख मामले, 600 करोड़ का समझौता

Published: Mon, 26 Oct 2026 12:38 PM (IST)

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.76 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें करीब 600 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय हुई।

दिल्ली लोक अदालत ने निपटाए मामले ( एआई जेनरेटेड इमेज )

दिल्ली लोक अदालत ने निपटाए मामले ( एआई जेनरेटेड इमेज )

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार को आयोजित साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रिकार्ड 1.76 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया गया। जिसके तहत करीब 600 करोड़ रुपये (599.71 करोड़) की समझौता राशि तय हुई।

दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) द्वारा आयोजित इस लोक अदालत में सबसे अधिक 1.38 लाख मामले ट्रैफिक चालान के निपटाए गए, जिससे 2.77 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

शुरू की गई ये अनूठी पहल

इस बार अदालत ने सामाजिक समावेशन की एक अनूठी पहल करते हुए ट्रांसजेंडर, एसिड अटैक सर्वाइवर्स और वरिष्ठ नागरिकों को 'न्याय के साथी' के रूप में जजों के साथ सहयोगी सदस्य बनाकर पीठों में शामिल किया।

लोक अदालत का आयोजन विभिन्न जिला अदालतों, दिल्ली हाई कोर्ट, ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी), उपभोक्ता आयोग और स्थायी लोक अदालतों में किया गया था।

जिला अदालत में निपटाए गए सबसे ज्यादा मामले

इसमें सबसे अधिक मामले जिला अदालतों में निपटे और यहां कुल 1.74 लाख मामलों का समाधान हुआ। इसमें 317.42 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय हुई।

वहीं, समझौता राशि के लिहाज से सबसे बड़ा आंकड़ा डीआरटी से आया और ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में सिर्फ 97 मामलों का निपटारा हुआ, लेकिन इनमें 252.83 करोड़ रुपये की राशि पर सहमति बनी।

दिल्ली हाई कोर्ट में 44 मामलों का निपटारा 10.87 करोड़ रुपये में हुआ, जबकि जिला उपभोक्ता आयोगों में 284 मामलों में 12.31 करोड़ रुपये और बिजली से जुड़ी स्थायी लोक अदालत में 1,502 मामलों में 6.27 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय हुई।

एसएमएस से भेजी गई लोगों को पुष्टि

इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी) के मामलों में भी बड़ी राहत मिली और रोहिणी कोर्ट में सारिका क्वात्रा बनाम न्यू त्रिशूल ट्रांसपोर्ट मामले का निपटारा 2.90 करोड़ रुपये के समझौते से हुआ।

इस दौरान डिजिटल लोक अदालत की भी व्यवस्था रही, जिसमें चालान का भुगतान होते ही जानकारी तुरंत ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर अपडेट हो गई और लोगों को एसएमएस से पुष्टि भेजी गई।

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