दिल्ली में अनोखी चोरी! पहले चुराई महंगी बाइक, फिर QR Code भेजकर मांगी 5000 की एडवांस फिरौती
नारायणा में एक केटीएम बाइक चोरी होने के बाद चोर ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बाइक लौटाने के लिए 10 हजार रुपये की फिरौती मांगी।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
नारायणा में केटीएम बाइक चोरी, चोर ने पीड़ित को भेजा संदेश।
चोर ने व्हाट्सएप पर 10 हजार रुपये फिरौती की मांग की।
भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा, पुलिस मामले की जांच में जुटी।
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। नारायणा में घर के बाहर से केटीएम बाइक चोरी करने के बाद अज्ञात व्यक्ति खुद को चोर बताते हुए पीड़ित को वाट्सएप पर संदेश भेजकर बाइक लौटाने के लिए रुपये मांग रहा है।
उसने बाइक वापस करने के बदले 10 हजार रुपये मांगे और पांच हजार रुपये अग्रिम भेजने पर बाइक का वीडियो और उसकी लोकेशन भेजने का दावा किया। रकम भेजने के लिए पीड़ित को कमल नाम के व्यक्ति से जुड़ा क्यूआर कोड भी भेजा गया।
पीड़ित ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदेश भेजने वाला वास्तव में बाइक चोरी में शामिल है या प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी का फायदा उठाकर ठगी करने का प्रयास कर रहा है।
19 सितंबर को हुई चोरी
पुलिस के अनुसार, हर्षित पुत्र राजेश सोनिया गांधी कैंप, नारायणा फेज-1 में रहते हैं। उनकी काले रंग की केटीएम ड्यूक-250 बाइक संख्या डीएल6एसबीएस0751 नारायणा गांव के सामने डब्ल्यूजेड-522 के बाहर खड़ी थी।
19 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे से 20 सितंबर की सुबह 8:30 बजे के बीच किसी ने बाइक चोरी कर ली। हर्षित की शिकायत पर थाना नारायणा पुलिस ने 20 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की।
हर्षित के अनुसार, बाइक चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से संदेश आने शुरू हुए। संदेश भेजने वाले ने खुद को बाइक चोर बताया और दावा किया कि बाइक उसके पास है।
एडवांस में मांगे 5000
उसने बाइक वापस करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की। साथ ही कहा कि पहले पांच हजार रुपये अग्रिम भेजने होंगे। रकम मिलने के बाद बाइक का वीडियो और उसकी लोकेशन भेजने की बात कही गई।
अज्ञात व्यक्ति ने रुपये भेजने के लिए हर्षित को एक क्यूआर कोड भी भेजा। यह क्यूआर कोड कमल नाम के व्यक्ति के खाते से जुड़ा बताया गया। संदेश भेजने वाले ने यह दावा भी किया कि पीड़ित पुलिस से क्या बातचीत कर रहा है, इसकी उसे पल-पल की जानकारी है। इससे पीड़ित को संदेह हुआ और उसने पूरी बातचीत पुलिस को दिखाई।
'ऑनलाइन ही लूंगा कैश नहीं'
पुलिस की सलाह पर हर्षित ने संदेश भेजने वाले से कहा कि वह ऑनलाइन रुपये देने के बजाय नकद रुपये लेकर आए और इसके बदले बाइक सौंप दे। हालांकि, वह नकद में सौदा करने के लिए तैयार नहीं हुआ और ऑनलाइन रुपये भेजने पर ही जोर देता रहा।
इसके बाद पुलिस ने अज्ञात नंबर और भेजे गए क्यूआर कोड की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश भेजने वाला बाइक चोरी की घटना में शामिल है या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी हासिल कर पीड़ित को ठगी का निशाना बनाने की कोशिश की। पुलिस नंबर और क्यूआर कोड से जुड़े खाते की जानकारी जुटा रही है।
