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हौजरानी अग्निकांड के बाद दिल्ली के 529 प्रतिष्ठानों की जांच, कई होटलों में नहीं मिला आपातकालीन निकास

Published: Wed, 10 Jun 2026 05:25 AM (IST)Updated: Wed, 10 Jun 2026 06:59 AM (IST)

हौजरानी घटना के बाद दिल्ली में हुई सख्ती से जांच में अवैध निर्माण और आग से बचाव के इंतजामों में ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार की संयुक्त समिति ने करोल बाग के इन्ही होटलों में अग्निशमन से बचाव और आपातकालीन निकास न होने की खामियां अपने निरीक्षण में पाई हैं। जागरण

दिल्ली सरकार की संयुक्त समिति ने करोल बाग के इन्ही होटलों में अग्निशमन से बचाव और आपातकालीन निकास न होने की खामियां अपने निरीक्षण में पाई हैं। जागरण

HighLights

  1. हौजरानी घटना के बाद दिल्ली में जांच तेज हुई।

  2. कई होटलों में आपातकालीन द्वार और अग्निशमन उपकरण नहीं।

  3. 529 स्थानों पर सर्वेक्षण, सीलिंग और नोटिस जारी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में हौजरानी की घटना में हुई 22 मौतों के बाद एजेंसियों के आगे से फिलहाल भ्रष्टाचार की पट्टी हटती हुई नजर आ रही है। क्योंकि अब निरीक्षण की बाध्यता सरकार के निर्देश पर हुई तो कई खामियां नजर आ रही हैं। इसमें बड़ी खामियां ये हैं कि निरीक्षण में कई होटल ऐसे मिले हैं जिसमें आपातकालीन द्वार तक नहीं है। वहीं, अगर अग्निशमन से बचाव के उपकरण लगे हैं तो वह भी सही से काम नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कालोनियां काटी जा रही है और तो और कृषि भूमि पर निर्माण हो रहे हैं।

इन सभी खामियों के बाद संबंधित एजेंसियां सीलिंग से लेकर नोटिस देने तक की कार्रवाई कर रही है। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न विभागों के संयुक्त सर्वेक्षण के गठित विशेष टीम ने अब तक 529 स्थानों पर सर्वेक्षण कर लिया है।

मंगलवार को किए 77 सर्वेक्षण

इसमें 77 सर्वेक्षण अकेले मंगलवार को किए गए। रिपोर्ट के अनुसार करोल बाग में कई ऐसे होटल व व्यावसायिक संपत्तियां मिली हैं जिसमें आपातकालीन निकास तक नहीं है वहीं, कई स्थानों अग्निशमन से बचाव के उपकरण तक कार्य नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर करोल बाग के फैज रोड स्थित होटल सन साइन, बीएनबी राम पैलेस होटल सन पैलेस, होटल फार्चुनर, रिज मैडनेस, होटल अलकासा,होटल मेट्रो स्टार को आपातकालीन निकास न होने या फिर अग्निशमन के उपकरणों के न चलने पर नोटिस जारी किया है।

संयुक्त टीम बहुत ही बारीकी से निगरानी कर रही है। इसमें सुरक्षा के हर पहुल को देखा जा रहा है। पहाड़गंज के नोवोटेल होटल को इसलिए नोटिस दे दिया कि उसकी लिफ्ट में आपातकालीन स्थिति के लिए लगे बटन में किसी ने रिस्पोंस नहीं किया। इतना ही नहीं स्वीमिंग पूल के पास मौजूद आपातकालीन बटन भी काम नहीं कर रहा था। जबकि इमारत के पास बिल्डिंग सेक्शन प्लान भी था।

इतना ही नहीं जहां पर पुरानी दिल्ली में छह मंजिला इमारतों की भरमार मिल जाएगी वहां पर भी अब ऊपरी मंजिल को गिराने के आदेश जारी हो रहे हैं। संयुक्त टीम ने चांदनी चौक में छठी मंजिल के निर्माण पर नोटिस दिया है।इसी प्रकार सदर बाजार के जोगीबाड़ा में छठी मंजिल के निर्माण पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

529 स्थानों पर हुए सर्वेक्षण में नोटिस और सीलिंग के आदेश

संयुक्त टीम घर और कालोनियों में चलने वाले ओयो होटल को भी कार्रवआई के दायरे में ला रही है। इसमें पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में जिगना फार्म गेस्ट को सीलिंग के नोटिस दिए गए हैं।

दिल्ली सरकार की संयुक्त टीम के सर्वे के अनुसार अब 529 स्थानों पर हुए सर्वेक्षण में नोटिस और सीलिंग के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसमें पश्चिमी जिला में 100 जबकि दक्षिणी जिले में 74, उत्तरी जिले में 51, पुरानी दिल्ली जिले में 19, नई दिल्ली जिले में 17, दक्षिण पश्चिम जिले में 53, दक्षिण पूर्व जिले में 14,पूर्वी जिले में 29, उत्तर पश्चिमी जिले में 39, उत्तर पूर्वी में 44 व सेंट्रल नार्थ जिले में 33, सेंट्रल जिले में 47 निरीक्षण हुए हैं।

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