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'सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने से पुलिस के काम में बाधा साबित नहीं होती', छात्र को दिल्ली HC से राहत; FIR रद

Published: Sun, 18 Oct 2026 09:46 AM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने एसएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले एक छात्र के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद कर दी। कोर्ट ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट।

दिल्ली हाई कोर्ट।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने छात्र के खिलाफ प्राथमिकी रद की।

  2. छात्र एसएससी परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में शामिल था।

  3. केवल प्रदर्शन में शामिल होना बाधा डालने का इरादा नहीं।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एसएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले एक छात्र के खिलाफ हुई प्राथमिकी को दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए रद कर दिया कि किसी विरोध-प्रदर्शन में केवल शामिल हो जाने से ही यह साबित नहीं हो जाता कि व्यक्ति का इरादा पुलिस के वैध निर्देशों को न मानने या पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने का था।

याची छात्र 24 अगस्त 2025 को दिल्ली के रामलीला मैदान में परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुआ था।

अदालत ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-3 (पांच) के तहत साझा इरादे के सिद्धांत के लिए यह जरूरी है कि आपराधिक कृत्य उन लोगों के साझा इरादे को पूरा करने के लिए किया गया हो, जिन्हें संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति

याची के खिलाफ कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी की गई थी। 24 और 25 अगस्त 2025 को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि 29 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जबकि बाकी प्रदर्शनकारियों के संबंध में आगे की जांच जारी है।

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