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आवारा कुत्तों पर दिल्ली HC की सख्ती, MCD-NDMC अफसरों को मिलेगी ट्रेनिंग; चार हफ्ते में मांगा हिसाब

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:47 AM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी और एनडीएमसी को आवारा कुत्तों को पकड़ने और बंध्याकरण के लिए लखनऊ नगर निगम के ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. एमसीडी-एनडीएमसी को लखनऊ नगर निगम से प्रशिक्षण लेने का निर्देश।

  2. आवारा कुत्तों को पकड़ने, बंध्याकरण के लिए कैंप आयोजित करें।

  3. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की निगरानी, हलफनामा दाखिल करने को कहा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशाें की निगरानी के लिए शुरू की गई स्वत: संज्ञान याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति दिनेश मेहता व न्यायमूर्ति अदिति चौधरी की पीठ ने एमसीडी व एनडीएमसी को आवारा कुत्तों को पकड़ने, बंध्याकरण करने और उनसे जुड़ी वेटेरिनरी और पैरा-वेटेरिनरी सेवाओं के लिए अपने अधिकारियों को प्रशिक्षित करने को कहा है।

साथ ही पीठ ने एमसीडी व एनडीएमसी को लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) के साथ मिलकर जगह व समय तय करने के साथ कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया।

पीठ ने उक्त आदेश तब दिया जब न्याय मित्र गौरी मुलेखी ने अदालत को बताया कि एलएमसी ने वेटेरिनरी, पैरा-वेटेरिनरी और डाग कैचर्स (कुत्ते पकड़ने वालों) को प्रशिक्षित करने के लिए 15 दिन का कैंप आयोजित करने के लिए एक व्यक्ति को दिल्ली भेजने की बात की है। यह ट्रेनिंग भारत के एनिमल वेलफेयर बोर्ड द्वारा तय किए गए माड्यूल के अनुसार होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों आदि के परिसर से कुत्तों को हटाने के अपने निर्देशों के पालन की निगरानी का सभी हाई कोर्ट को निर्देश दिया था।

हाई कोर्ट द्वारा शुरू की गई जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान एमसीडी व एनडीएमसी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि एमसीडी के पूर्वी जोन और एनडीएमसी के दो जोन में कैंप का आयोजन किया गया।

MCD-ND को हलफनामा दाखिल करने को कहा

इस पर पीठ ने एमसीडी व एनडीएमसी को चार सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा कि किन वार्डों में कुत्तों का पूरी तरह से बंध्याकरण कर दिया गया है। बंध्याकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पीठ ने नाेट किया कि एमसीडी व एनडीएमसी ने दो-दो और वार्डों में कैंप आयोजित करने की बात की है।

वहीं, न्याय मित्र गौरी मौलेखी ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए पायलट कैंप लागू करने का एक रोडमैप भी कोर्ट को सौंपा। इस पर पीठ ने एमसीडी को इस पर सुझाव देने और एक रोडमैप तैयार कर कोर्ट की मंजूरी के लिए रिकार्ड पर पेश करने का निर्देश दिया। मामले पर उक्त आदेश देते हुए पीठ ने मामले की सुनवाई तीन नवंबर तक के लिए तय कर दी।

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