दिल्ली HC में सवा लाख मुकदमों का बोझ कैसे हो कम? अब भी 60 स्वीकृत पदों पर सिर्फ 50 जज; 4 जल्द होंगे रिटायर
दिल्ली हाई कोर्ट में स्वीकृत 60 पदों के मुकाबले 10 जजों की कमी है, जिससे सवा लाख से अधिक लंबित ...और पढ़ें

वर्ष 2014 में दिल्ली हाई कोर्ट के कुल स्वीकृत पदों की संख्या को 48 से बढ़ाकर 60 कर दिया गया हो, लेकिन ये स्वीकृति सिर्फ कागजी ही साबित होकर रह गई। एआई इमेज
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट में 60 स्वीकृत पदों के मुकाबले 10 जजों की कमी।
सवा लाख लंबित मुकदमों का बोझ कम करना बड़ी चुनौती।
चार जजों की सेवानिवृत्ति से संख्या फिर 46 रह जाएगी।
विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते लंबित मुकदमों को कम करने के लिए भले ही वर्ष 2014 में दिल्ली हाई कोर्ट के कुल स्वीकृत पदों की संख्या को 48 से बढ़ाकर 60 कर दिया गया हो, लेकिन ये स्वीकृति सिर्फ कागजी ही साबित होकर रह गई। वर्तमान में भी स्वीकृत पदों के अनुरूप 10 न्यायाधीशों की संख्या कम है। ऐसे में करीब सवा लाख मुकदमों की समय रहते सुनवाई करना एक बड़ी चुनौती है।
अब कुल जजों की संख्या हुई 50
बीते 12 साल में हाई कोर्ट में जजों की वर्तमान तैनाती का आंकड़ा 50 को भी पार नहीं कर सका। यह पहला मौका है जब सर्विस कोटे से एक साथ सात जजों की हाई कोर्ट में हुई पदोन्नति के कारण कुल जजों की संख्या 50 पहुंच गई है। हाई कोर्ट में सबसे ज्यादा संख्या दो जून 2022 को तब हुई थी, जब तीन नए जज मिलने के कारण संख्या 47 पहुंच गई थी।
चार जज जल्द होने वाले हैं रिटायर
सात जजों के शपथ लेने के बाद हाई कोर्ट में भले ही कुल जजों की संख्या 50 हो गई है। हालांकि, अहम तथ्य यह भी है कि हाई कोर्ट में 50 जजों की तैनाती लंबे समय तक नहीं बनी रहेगी, क्योंकि आने वाले तीन महीने में दिल्ली हाई कोर्ट के चार जज सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इनमें न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा आठ अक्टूबर सेवानिवृत्त हो रही हैं, जबकि न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल 18 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे। इसके अलावा न्यायमूर्ति मनोज जैन व न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया दिसंबर में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में दिसंबर के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में कुल 46 जज ही रह पाएंगे।
35 प्रतिशत हुए सर्विस कोटे के जज
दिल्ली हाई कोर्ट में कुल स्वीकृत 60 पदों में से 20 जजों की नियुक्ति ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीशों की पदोन्नति से होने का प्रविधान है। ऐसे में यह पहला मौका है जब दिल्ली हाई कोर्ट में सर्विस कोटे के जजों की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
मौजूदा 50 जजों में से 17 जज सर्विस कोटा यानी ट्रायल कोर्ट से पदोन्नत होकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं। इन अनुभवी जजों का लाभ दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित सवा लाख से अधिक के मुकदमों का बोझ कम करने में मिल सकता है।
| दिल्ली हाई कोर्ट में कुल लंबित मुकदमे | 1,25,478 |
| 20 साल से ज्यादा पुराने मुकदमे | 2,129 |
| 30 साल से ज्यादा पुराने मुकदमे | 126 |
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