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MCD के प्राइमरी शिक्षक भर्ती में 30 साल की उम्र सीमा पर दिल्ली HC का फैसला- आयु में 10 साल की छूट देने से इनकार

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:25 PM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2026 08:28 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी में प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति के लिए उम्र में 10 साल की छूट की मांग ...और पढ़ें

एमसीडी में प्राथमिक शिक्षक के तौर पर नियुक्ति के लिए उम्र में 10 साल की छूट की मांग वाली याचिका खारिज।

एमसीडी में प्राथमिक शिक्षक के तौर पर नियुक्ति के लिए उम्र में 10 साल की छूट की मांग वाली याचिका खारिज।

HighLights

  1. दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी प्राथमिक शिक्षक आयु छूट याचिका खारिज की।

  2. दिल्ली सरकार के नियमों को एमसीडी भर्ती पर लागू नहीं माना।

  3. याचिकाकर्ता की उम्र में छूट की मांग को अस्वीकार किया गया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एमसीडी में प्राथमिक शिक्षक के तौर पर नियुक्ति के लिए उम्र में 10 साल की छूट की मांग वाली याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति अनिल छेत्रपाल व न्यायमूर्ति भरत पराशर की पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों पर लागू होने वाला उम्र में छूट की अधिसूचना एमसीडी के अलग भर्ती नियमों के तहत होने वाली भर्ती पर अपने आप लागू नहीं किया जा सकता।

उक्त टिप्पणी के साथ अदालत ने याचिकाकर्ता के के दावों को खारिज करने वाले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के आदेश को सही ठहराया। याचिकाकर्ता ने कैट के 18 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। इसमें कैट ने उम्र में छूट और उसके बाद एमसीडी में प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति की उसकी अर्जी खारिज कर दी गई थी।

27 अप्रैल 1982 को जन्मी याचिकाकर्ता पूनम पटवाल ने दावा किया कि वह 2012 से शिक्षा निदेशालय के साथ गेस्ट टीचर के तौर पर काम कर रही थीं। उनका दावा शिक्षा निदेशालय द्वारा दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम के नियम-43 के तहत एक नवंबर 1980 को जारी एक अधिसूचना पर आधारित था।

इसमें महिला उम्मीदवारों के लिए विभिन्न टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए तय अधिकतम उम्र सीमा में आम तौर पर 10 साल की छूट दी गई थी। हालांकि, एमसीडी प्राथमिकी शिक्षकों पर लागू भर्ती नियमों में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 साल तय की गई थी। याचिकाकर्ता ने पहले कैट ने एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसमें उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल होने की इजाजत मिल गई थी।

पीठ ने गौर किया कि एमसीडी एक स्वायत्त स्थानीय निकाय है जो अपने स्वयं के कानूनी ढांचे और सेवा शर्तों के तहत काम करता है। पीठ ने कहा कि अंतरिम आदेश के तहत परीक्षा में शामिल होने से नियुक्ति का कोई पक्का अधिकार नहीं बनता है और मेरिट का विचार केवल उन्हीं उम्मीदवारों के बीच किया जा सकता है जो तय योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं।

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