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रोशनआरा मकबरे के पास अवैध निर्माण पर दिल्ली HC सख्त, ASI, MCD और सरकार को लगाई फटकार

Published: Fri, 16 Oct 2026 12:54 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने रोशनआरा के मकबरे के पास अवैध निर्माण को नजरअंदाज करने के लिए एएसआई, एमसीडी और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

दिल्ली हाई कोर्ट।

दिल्ली हाई कोर्ट।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने अवैध निर्माण पर एएसआई, एमसीडी को फटकारा।

  2. अधिकारियों को निजी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।

  3. संरक्षित स्मारक के पास लापरवाही पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। संरक्षित स्मारक रोशनआरा के मकबरे के प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण को नजरअंदाज करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), एमसीडी और दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए उनकी भूमिका पर तल्ख टिप्पणी की है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव व न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने कहा कि संरक्षित स्मारकों पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में अधिकारी न सिर्फ पूरी तरह से विफल रहे, बल्कि उन्होंने अवैध निर्माण में मदद की।

हलफनामा दाखिल करने का आदेश

पीठ ने कहा कि कानूनी पाबंदियों और निर्माण कार्य रोकने के न्यायिक आदेश के बावजूद वहां अवैध निर्माण किया गया। उक्त टिप्पणियों के साथ अदालत ने एमसीडी आयुक्त, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एएसआइ के निदेशक को निजी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही इस अवैध निर्माण को नजरअंदाज करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का नाम भी बताने को कहा है।

निर्माण पूरा करने का मौका मिला

पीठ ने टिप्पणी की कि अधिकारियों के रवैये के कारण ही संपत्ति के मालिक को मकबरे और बारादरी के विनियमित क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण पूरा करने का मौका मिला।

पीठ ने कहा कि इसी तरह से एमसीडी के अधिकारियों का रवैया भी बेहद लापरवाह रहा है। अदालत, शक्ति नगर के सिंह साहब रोड पर संरक्षित स्मारक के पास एक संपत्ति पर हो रहे अनधिकृत निर्माण के संबंध में मनीष ग्रोवर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। बता दें कि रोशनआरा मुगल बादशाह शाहजहां की पुत्री थीं।

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