'खराब खाना देकर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते', जामिया हॉस्टल मेस के खाने पर दिल्ली HC की फटकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया के हॉस्टल मेस में खराब खाने पर कड़ी टिप्पणी की है, कहा कि ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली HC ने जामिया हॉस्टल मेस के खराब खाने पर फटकार लगाई।
अदालत ने कहा, खराब भोजन से छात्रों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं।
टाइफाइड पीड़ित छात्रा की याचिका पर कोर्ट ने जामिया को निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया के हॉस्टल मेस में खराब गुणवत्ता का भोजन परोसे जाने के मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हॉस्टल मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लापरवाही नहीं बरत सकते।
अदालत ने यह भी कहा कि जब तक छात्रों को अच्छी गुणवत्ता वाला और स्वच्छ भोजन नहीं दिया जाता, तब तक उनसे अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। पीठ ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
छात्रा की याचिका पर कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने उक्त टिप्पणी एक छात्रा की याचिका पर की, जिसने आरोप लगाया था कि हॉस्टल मेस में खराब गुणवत्ता वाला भोजन मिलने के कारण उसे टाइफाइड हो गया, जिससे उसकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा।
छात्रा ने उसे जारी किए गए नोटिस व 25 सितंबर को बेगम हजरत महल गल्र्स हॉस्टल से निकालने के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने जामिया मिलिया को निर्देश दिया कि याचिका को एक आवेदन के रूप में लेकर हॉस्टल में कोई जगह खाली होने पर छात्रा को मानवीय आधार पर आवंटित करने पर विचार करें।
