विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खान सर और महिला पत्रकार विवाद: दिल्ली HC ने मानहानि मुकदमे को मध्यस्थता के लिए भेजा

Published: Thu, 02 Jul 2026 07:33 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान सर के बीच मानहानि मुकदमे को मध्यस्थता के लिए भेज ...और पढ़ें

महिला पत्रकार ने खान सर पर दायर किया था मानहानि का मुकदमा।

महिला पत्रकार ने खान सर पर दायर किया था मानहानि का मुकदमा।

HighLights

  1. मानहानि विवाद दिल्ली हाई कोर्ट ने मध्यस्थता को भेजा।

  2. अंजना की ऑनलाइन शिक्षकों पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद।

  3. खान सर ने अंजना के बच्चों के स्कूल की जानकारी दी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शिक्षकों पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित सामग्री के खिलाफ पत्रकार अंजना ओम कश्यप के मानहानि मुकदमे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अंजना और फैसल खान (खान सर) सहित अन्य को संयम बरतने का सुझाव दिया। साथ ही मानहानि विवाद को दिल्ली हाई कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए भेज दिया।

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि नुकसान तो हो ही चुका है और अब दोनों पक्ष स्थिति को केवल संभाल ही सकते हैं। पीठ ने दोनों पक्षों को विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने का सुझाव देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया।

पोस्ट पूरी तरह से मानहानिपूर्ण: अधिवक्ता ऋषिकेश बरुआ 

सुनवाई के दौरान अंजना की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ऋषिकेश बरुआ ने रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि पोस्ट पूरी तरह से मानहानिपूर्ण थे। पीठ ने दोनों पक्षों को मौखिक रूप से सुझाव दिया कि आप किसी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन आलोचना का स्तर सभ्य होना चाहिए।

हालांकि, ऋषिकेश बरुआ ने तर्क दिया कि खान सर ने उस स्कूल का खुलासा कर दिया था जिसमें कश्यप के बच्चे पढ़ते हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि स्कूल वगैरह के बारे में बात नहीं करनी चाहिए थी।

बच्चों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने से बचें: कोर्ट

जब बरुआ ने मामले की तत्काल सुनवाई पर जोर दिया, तो कोर्ट ने कहा कि उसे मामले की सुनवाई करनी होगी। हालांकि, कोर्ट ने खान सर से कहा कि सुनिश्चित करें कि बच्चों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने से बचें। खान सर की तरफ से कहा गया कि अंजना के के बच्चों से संबंधित जानकारी को हटा दिया जाएगा, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि वादी को भी टिप्पणियां करना बंद करना चाहिए।

यह पूरा मामला नीट परीक्षा प्रणाली पर एक लाइव बहस के दौरान तब शुरू हुआ, जब अंजना ओम कश्यप ने आनलाइन शिक्षकों की आलोचना करते हुए उन्हें धोखेबाज और व्यूज के पीछे भागने वाले कहा। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ तमाम तरह के पोस्ट प्रसारित किए गए।

यह भी पढ़ें- भ्रष्टाचार का दाग धुलने में लग गए 10 साल, दिल्ली HC ने पलटा CBI कोर्ट का फैसला; पूर्व मेजर बरी

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।