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यासीन मलिक की वर्चुअल पेशी न होने पर दिल्ली HC ने जेल अधीक्षक से मांगा जवाब, सुनवाई में खुद रखेगा पक्ष?

Published: Wed, 14 Oct 2026 02:33 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने यासीन मलिक की वर्चुअल पेशी न होने पर तिहाड़ जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। एनआईए ...और पढ़ें

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के टेरर फंडिंग मामले की दिल्ली हाई कोर्ट में होनी थी सुनवाई। फाइल फोटो

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के टेरर फंडिंग मामले की दिल्ली हाई कोर्ट में होनी थी सुनवाई। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी।

  2. यासीन मलिक की वर्चुअल पेशी नहीं हो पाई।

  3. टेरर फंडिंग मामले में खुद बहस करना चाहता है मलिक।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के टेरर फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल से बुधवार को वर्चुअली पेश होने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है। अदालत ट्रायल कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा को मौत की सजा में बदलने की मांग वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अपील याचिका पर सुनवाई कर रही है।

'यासीन मलिक खुद करना चाहता है बहस'

बुधवार को न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई और कोर्ट ने पाया कि यासीन मलिक पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने मामले को दिसंबर में सूचीबद्ध कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख पर यासीन मलिक को वर्चुअली कार्यवाही में शामिल किया जाए। सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अक्षय मलिक ने कोर्ट को बताया कि यासीन मलिक खुद इस मामले में बहस करना चाहता है।

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