IRCTC की खामियों पर दिल्ली HC सख्त, बिना टिकट पैसे कटने और Tatkal सर्वर ठप होने पर केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने IRCTC पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम के स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ...और पढ़ें

आईआरसीटीसी की खामियों को लेकर दायर की गई याचिका। फोटो: सांकेतिक
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने IRCTC सिस्टम के ऑडिट पर केंद्र से जवाब मांगा
याचिका में तकनीकी खराबी और टिकट न बनने की शिकायतें प्रमुख हैं
यात्री बुकिंग में पारदर्शिता और रिफंड प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंडियन रेलवे के IRCTC पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम के स्वतंत्र एवं तकनीकी रूप से सक्षम आडिट की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
बार-बार होने वाली तकनीकी खराबी और बिना टिकट बने पैसे कटने का आरोप लगाने वाली याचिका पर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले पर अगली सुनवाई सात अक्टूबर को होगी।
रिजर्वेशन सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल
अधिवक्ता उत्तम कुमार ने याचिका दायर कर रिजर्वेशन सिस्टम को निष्पक्ष, पारदर्शी, भरोसेमंद, सुलभ बनाने का निर्देश देेन की मांग की है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या टिकट उपलब्ध होने पर असली यात्रियों को रिजर्वेशन प्रक्रिया में भाग लेने का सार्थक और उचित रूप से समान अवसर मिलता है।
याचिका के अनुसार यात्रियों ने बुकिंग सिस्टम तक न पहुंच पाने, लागिन और आथेंटिकेशन की समस्याओं के साथ ही बुकिंग सेशन का बंद हो जाने जैसी कई शिकायतें की हैं।
टिकट न बनने पर पैसे कटने की शिकायत
याचिका में कहा गया है कि कई यात्रियों के अकाउंट से पैसे कट जाते हैं लेकिन टिकट नहीं बनते। इसमें ट्रांजैक्शन का स्टेटस पता करने और कानूनी रूप से रिफंड-योग्य राशि को वापस करने या रिवर्स करने के लिए एक तत्काल, स्पष्ट और समय-सीमा वाली व्यवस्था की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरएसी और वेटलिस्ट में सीट आवंटन में अधिक पारदर्शिता की मांग की है।
