15 दिन में खाली करना होगा दिल्ली रेस क्लब, हाई कोर्ट में केंद्र के खिलाफ जॉकी एसोसिएशन की याचिका खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब को खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली जाकी ...और पढ़ें

15 दिन में खाली करना होगा दिल्ली रेस क्लब। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने जाकी एसोसिएशन की याचिका खारिज की
रेस क्लब खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी
एसोसिएशन पट्टेदार नहीं, क्लब ने पहले ही अपील की
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली रेस क्लब को अपनी जगह 15 दिन के भीतर खाली करने का निर्देश देने के केंद्र सरकार के आदेश के चुनौती देने वाली जाॅकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका को शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा कि जाॅकी एसोसिएशन पट्टेदार नहीं है और क्लब पहले ही अपीलीय अदालत के समक्ष कानूनी अपील दायर कर चुका है। उक्त तथ्यों को देखते हुए पीठ ने कहा कि याचिका विचार करने योग्य नहीं है।
20 साल से जॉकी रेस क्लब में रह रहे
एसोसिएशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तर्क दिया कि जाॅकी बेदखली के आदेश से सीधे तौर पर प्रभावित हैं और याचिकाकर्ता जाकी उन घोड़ों के कल्याण के लिए प्रयास कर रहे थे जो पिछले 20 वर्षों से दिल्ली रेस क्लब में रह रहे हैं।
वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए स्थायी वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि जाॅकी एसोसिएशन के पास याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं है और बेदखली के आदेश को अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है।
उत्तर भारत का सुविधाओं से लैस एकमात्र क्लब
वहीं, एसोसिएशन ने कहा कि दिल्ली रेस क्लब उत्तर भारत में एकमात्र ऐसी सुविधा है, जो घुड़दौड़ और संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक विशेष बुनियादी ढांचा प्रदान करती है।
इसने 11 अगस्त के बेदखली नोटिस को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि दिल्ली रेस क्लब की बेदखली से उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा और वे अपने थोरब्रेड घोड़ों को रखने, प्रशिक्षित करने और कसरत कराने की सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे।
