'छात्र संगठन लड़ सकते हैं चुनाव, लेकिन राजनीतिक पार्टियां न करें दखल', DUSU चुनाव पर दिल्ली HC की दो टूक
दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनावों में राजनीतिक दलों के दखल के खिलाफ एक याचिका का निपटारा किया। अदालत ने ...और पढ़ें

दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला। जागरण
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव याचिका का निपटारा किया।
छात्र संगठनों का चुनाव लड़ना लिंगदोह समिति का उल्लंघन नहीं।
राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों का दखल सख्ती से रोका जाए।
जागरण संवाददता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों में लिंगदोह कमेटी के नियमों का उल्लंघन कर राजनीतिक पार्टियों के दखल देने के खिलाफ एक छात्रा की याचिका का दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए निपटारा कर दिया।
अदालत ने कहा कि किसी राजनीतिक दलों के छात्र संगठन से जुड़े सदस्यों का छात्र संघ चुनाव में हिस्सा लेना लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता है।
अदालत ने यह भी कहा कि भले ही इस याचिका में दी गई चुनौती सफल नहीं हुई, लेकिन डीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी और अन्य अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के सदस्य का कोई भी दखल ठीक से रोका जाए।
अदालत ने किया याचिका का निपटारा
अदालत ने कहा कि चुनाव आचार संहिता, सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकार की गई लिंगदोह समिति की सिफारिशों, समय-समय पर इस कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों और व प्रावधानों का पालन किया जाए।
याचिककार्ता विजेता की याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि पीठ ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति जो किसी राजनीतिक पार्टी का सदस्य है या किसी तरह से उससे जुड़ा है, उसकी डूसू या किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी व कॉलेज की छात्र संघ के चुनाव की प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने कहा कि डीयू अधिकारियों व मुख्य चुनाव अधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि वे यह पक्का करें कि डूसू के चल रहे चुनावों में राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों की किसी भी तरह की भागीदारी या दखलअंदाजी न हो, चाहे वह कितनी भी मामूली क्यों न हो।
