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स्ट्रीट वेंडर्स को 24 घंटे में मिले जब्ती मेमो, वीडियोग्राफी भी अनिवार्य; दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:05 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी और एनडीएमसी को निर्देश दिया है कि वे स्ट्रीट वेंडर्स का सामान जब्त करने के 24 घंटे के भीतर उन्हें जब्ती मेमो जारी करें।

सामान जब्त करने के बाद जब्ती मेमो देने में देरी करने से जुड़े एक मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई।

सामान जब्त करने के बाद जब्ती मेमो देने में देरी करने से जुड़े एक मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई।

HighLights

  1. सामान जब्त होने के 24 घंटे में जब्ती मेमो दें एजेंसियां।

  2. जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराना भी होगा अनिवार्य।

  3. टाउन वेंडिंग कमेटी गठन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सामान जब्त करने के बाद जब्ती मेमो देने में देरी करने से जुड़े एक मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने ने एमसीडी और एनडीएमसी को से कहा कि सामान जब्त करने के 24 घंटे के अंदर स्ट्रीट वेंडर्स को जब्ती मेमो दें। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने साथ ही एजेंसियों को जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का भी निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि जब्ती मेमो में जब्ती की तारीख, सामान की सूची, उन्हें रखने वाले शेल्फ का नंबर, अगर कोई जुर्माना या पेनल्टी देनी है तो उसकी जानकारी और संबंधित अधिकारी भी जब्ती मेमो में होना चाहिए। अदालत ने उक्त आदेश याचिकाकर्ता संगठन रेहड़ी-पटरी एकता मंच की याचिका पर दिया।

जब्त किए गए सामान की सूची भी वेंडर्स को नहीं दी जाती

याचिका में कहा गया था कि एमसीडी और एनडीएमसी पर आरोप लगाया था कि जब भी ऐसा सामान जब्त किया जाता है, तो एमसीडी व एनडीएमसी कोई जब्ती मेमो नहीं बनाते हैं और जब्त किए गए सामान की सूची भी वेंडर्स को नहीं दी जाती है। याचिका में कहा गया है कि सामान जब्त होने के बाद शाम को सिर्फ जुर्माना भरने की रसीद दी जाती है।

वहीं, सुनवाई के दौरान एमसीडी व एनडीएमसी ने कहा कि आम तौर पर सामान एक खास समय पर जब्त किया जाता है और अगर संबंधित अधिकारी मौके पर ही जब्ती मेमो बना दें, तो दूसरे वेंडर्स को इसके बारे में पता चल जाता है और वे नियम तोड़ने के बाद जब्ती से बचकर भाग जाते हैं।

शाम को जुर्माने की रसीद के साथ जब्ती मेमो वेंडर्स को देते हैं: MCD

यह भी तर्क दिया कि इसलिए पहले सामान जब्त किया जाता है और शाम को जुर्माने की रसीद के साथ जब्ती मेमो तैयार करके संबंधित वेंडर्स को दिया जाता है। एनडीएमसी ने कहा कि जब्त किए गए सामान को रखने के लिए अधिकारियों द्वारा एक सही वेयरहाउस बनाए रखा जाता है और वेंडर्स का सामान खास शेल्फ में रखा जाता है और उन्हें जारी की गई रसीद में संबंधित शेल्फ नंबर भी दिया जाता है।

अदालत को बताया गया कि जुर्माना भरने पर सामान संबंधित वेंडरों को वापस कर दिया जाता है। साथ ही, उस समय उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अधिकारी जब्त किए गए सामान की वीडियो या फ़ोटो भी लेते हैं।

मौके पर ही जब्ती का मेमो बनाकर देने से दूसरे वेंडरों के कार्रवाई से बचकर भागने की संभावना को देखते हुए अदालत ने एमसीडी और एनडीएमसी को सामान जब्त होने के 24 घंटे के अंदर जब्ती मेमो जारी करने का आदेश दिया। साथ ही जब्त करते समय वीडियो और फोटोग्राफी कराने का भी आदेश दिया।

जल्द पूरी होगी टीवीसी के गठन की प्रक्रिया

मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीवी)-दो के गठन के लिए अभी तक 23 सदस्य चुने जा चुके हैं। अलग-अलग जोन से नामित या नियुक्त किए गए सदस्यों की सूची तैयार की जा रही है और सदस्यों की सूची जल्द ही अधिसूचना के लिए दिल्ली सरकार को भेजी जाएगी। इस पर अदालत ने कहा कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।

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