देहरादून में जमीन बेचने के नाम पर 4.60 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार, EOW की टीम ने की कार्रवाई
देहरादून में जमीन बेचने के नाम पर 4.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले कुंवर जावेद राव को आर्थिक अपराध शाखा ने हरिद्वार के लक्सर से गिरफ्तार किया है।

शख्स से 4.60 करोड़ रुपये धोखाधड़ी करने वाले कुंवर जावेद राव गिरफ्तार।
HighLights
कुंवर जावेद राव 4.60 करोड़ रुपये धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार।
आरोपी ने फर्जी जीपीए धारक बनकर एक जमीन कई को बेची।
आर्थिक अपराध शाखा ने हरिद्वार के लक्सर से दबोचा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देहरादून में जमीन बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से 4.60 करोड़ रुपये धोखाधड़ी करने वाले कुंवर जावेद राव नाम के एक शातिर को आर्थिक अपराध शाखा ने हरिद्वार के लक्सर से गिरफ्तार कर लिया है। वह हरिद्वार का रहने वाला है।
उसने खुद को जमीन मालिक हरजिंदर पाल सिंह बंगा का अधिकृत जनरल पावर आफ अटार्नी (जीपीए) धारक बताकर कई खरीदारों को झांसे में लिया और कानूनी रूप से मिले अधिकारों से बाहर जाकर एक ही जमीन के प्लाट पर कई लोगों से एग्रीमेंट टू सेल और सेल डीड़ के नाम पर करोड़ों रुपये ठग लिए। उसने बैंकिंग चैनल के जरिए शिकायतकर्ता से अकेले लगभग 4.60 करोड़ रुपये वसूले, जिससे जमीन मालिक, शिकायतकर्ता और अन्य खरीदारों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
पंजाबी बाग के प्रमीत सिंह ने दर्ज की थी एफआईआर
डीसीपी आर्थिक अपराध शाखा मोहम्मद इरशाद हैदर के मुताबिक पंजाबी बाग के रहने वाले प्रमीत सिंह की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा में बीते 11 जून को एफआइआर दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि कुंवर जावेद राव ने फर्जीवाड़ा कर उनसे 4.60 करोड़ ऐंठ लिए।
यह मुख्य रूप से उन बाहरी लोगों को निशाना बनाता था जो उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में छुट्टियों बिताने या अपने लिए वहां घर खरीदने की इच्छा रखते थे। खुद को वैध जीपीए धारक बताकर वह लोगों का भरोसा जीतता था और फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक ही संपत्ति को कई-कई लोगों को बेच देता था।
घटना के बाद से आरोपित लगातार अपनी लोकेशन और मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। वह हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के इलाके में छिपता फिर रहा था और पुलिस नोटिस मिलने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हो रहा था।
तकनीकी सर्विलांस और फील्ड वेरिफिकेशन की मदद से हुई गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध शाखा की एक टीम लगातार तकनीकी सर्विलांस और फील्ड वेरिफिकेशन की मदद से उसपर नजर रख रही थी। जिसके फलस्वरूप बीते नौ सितंबर को उसे लक्सर (हरिद्वार) से दबोच लिया गया। जांच से पता चला कि आरोपित के खिलाफ पहले से भुवनेश्वर (ओडिशा) और देहरादून के रायपुर थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आर्थिक अपराध शाखा ने आम जनता को सलाह दी है कि जमीन खरीदने से पहले संपत्ति के मालिकाना हक, टाइटल दस्तावेजों और जीपीए धारक के वैध अधिकारों की पुष्टि संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से जरूर कर लें। प्रापर्टी के सभी कागजातों की जांच के बाद ही बैंकिंग चैनल के जरिए भुगतान करें और किसी भी संदिग्ध सौदे की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
