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'जमीन लेने के बाद मुआवजे के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करा सकती सरकार', दिल्ली HC की टिप्पणी

Published: Sun, 12 Jul 2026 09:35 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि सरकार सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में धन की ...और पढ़ें

पूठ खुर्द में सड़क निर्माण के लिए ली गई जमीन के मुआवजे पर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला।

पूठ खुर्द में सड़क निर्माण के लिए ली गई जमीन के मुआवजे पर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला।

HighLights

  1. सरकार धन की कमी बताकर मुआवजे में देरी नहीं कर सकती।

  2. दिल्ली हाई कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण मुआवजे पर सख्त आदेश दिया।

  3. पूठ खुर्द में सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि का मामला।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सार्वजनिक परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित कर उस पर कब्जा लेने के बाद सरकार धन की कमी का हवाला देकर जमीन मालिकों को मुआवजे के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करा सकती।

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूठ खुर्द में दिल्ली के नियोजित विकास के तहत 100 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से जुड़े मामले में यह टिप्पणी की। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं के मुआवजे के दावे पर चार माहमके अंदर निर्णय लेने का निर्देश दिया।

100 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया

न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनकी जमीन को दिल्ली के नियोजित विकास के तहत 100 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया था। जमीन का कब्जा भी संबंधित सरकारी एजेंसी ने ले लिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिलने पर जमीन मालिकों ने हाई कोर्ट का रुख किया।

अनिश्चित समय तक मुआवजे से वंचित रखने का आधार नहीं हो सकती

आठ जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि धन उपलब्ध नहीं होने के कारण मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा सका। पीठ ने इस दलील पर कहा कि धन की कमी जमीन मालिकों को अनिश्चित समय तक मुआवजे से वंचित रखने का आधार नहीं हो सकती। जब सरकार सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किसी व्यक्ति की जमीन अपने कब्जे में लेती है तो उसके मुआवजे के दावे पर भी उचित समय के भीतर निर्णय लेना आवश्यक है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि जमीन का कब्जा लेने के बाद मुआवजे के मुद्दे को वर्षों तक लंबित नहीं रखा जा सकता। पीठ ने संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं के मामले पर विचार कर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।

भूमि पूठ खुर्द क्षेत्र में प्रस्तावित 100 मीटर चौड़ी सड़क के लिए ली गई

यह मामला उन जमीन मालिकों के मुआवजे से जुड़ा है, जिनकी भूमि पूठ खुर्द क्षेत्र में प्रस्तावित 100 मीटर चौड़ी सड़क के लिए ली गई थी। याचिकाकर्ताओं की मुख्य शिकायत यह थी कि सरकार ने सार्वजनिक परियोजना के लिए उनकी जमीन तो अपने कब्जे में ले ली, लेकिन मुआवजे का भुगतान नहीं किया। इसी लंबित मुआवजे को लेकर उन्होंने हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी।

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