'विदेशियों को भारत में प्रवेश का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं', दिल्ली HC ने तुर्कमेनिस्तान की महिला की याचिका की खारिज
Delhi HC ने तुर्कमेनिस्तान की एक महिला की भारत में प्रवेश की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, किसी ...और पढ़ें

पीठ ने कहा कि वीजा होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में प्रवेश का कोई पक्का और बिना शर्त वाला अधिकार मिल गया।
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेशी महिला की याचिका खारिज की।
विदेशियों को भारत में प्रवेश का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रवेश रोका जा सकता है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारत में प्रवेश करने से रोक लगाने के मुद्दे पर तुर्कमेनिस्तान की एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि किसी विदेशी नागरिक के पास भारत में प्रवेश पाने का कोई जन्मसिद्ध या कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार नहीं है।
राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और अखंडता का हवाला
न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने यह भी कहा कि कानूनी व्यवस्था के तहत वीजा होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में प्रवेश का कोई पक्का और बिना शर्त वाला अधिकार मिल गया है।
पीठ ने कहा कि कानूनी व्यवस्था में स्पष्ट रूप से ऐसी स्थितियों का जिक्र है जिनमें जरूरी यात्रा दस्तावेज होने के बावजूद, किसी विदेशी को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती है। पीठ ने कहा इन कारणों में राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और अखंडता सहित अन्य शामिल हैं।
पति को भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई
अपीलकर्ता महिला ने केंद्र सरकार से 25 मार्च को भारत में उसके प्रवेश से इंकार करने के कारणों का लिखित और विस्तृत आदेश देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने उसे जारी बिजनेस वीजा के आधार पर भारत में प्रवेश की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की थी।
महिला ने कहा कि उसके पास वैध पासपोर्ट और बिजनेस वीजा था, लेकिन उसे प्रवेश न देकर तुर्कमेनिस्तान वापस भेज दिया गया, जबकि उसके साथ यात्रा कर रहे उसके पति को भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई थी।
महिला के बारे में प्रतिकूल जानकारी मिली
वहीं, याचिका का विरोध करते हुए अधिकारियों ने तर्क दिया कि किसी विदेशी के पास केवल वैध वीजा होने के आधार पर भारत के क्षेत्र में प्रवेश करने का कोई पक्का या छीना न जा सकने वाला अधिकार नहीं होता है। यह भी तर्क दिया कि वीजा देना और भारत में प्रवेश की अनुमति देना अलग-अलग मामले हैं। अधिकारियाें ने यह भी कहा कि महिला के बारे में प्रतिकूल जानकारी मिली थी।
