लोनी रोड को चौड़ा करने का रास्ता साफ, दिल्ली हाई कोर्ट का आया फैसला; कब से गरजेगा बुलडोजर?
दिल्ली हाई कोर्ट ने लोनी रोड को चौड़ा करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने 15 दिनों के ...और पढ़ें
-1772211348682_m.webp)
दिल्ली हाई कोर्ट ने लोनी रोड को चौड़ा करने का रास्ता साफ कर दिया है। फाइल फोटो
HighLights
लोनी रोड चौड़ीकरण का रास्ता दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया।
15 दिनों में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश।
चार महीने में अतिक्रमण मुक्त कर सड़क चौड़ी की जाएगी।
स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने लोनी रोड को चौड़ा करने का रास्ता साफ कर दिया है, जो लंबे समय से अटका हुआ था। एक पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए, हाई कोर्ट ने लोनी रोड पर ट्रैफिक फ्लो को आसान बनाने और पब्लिक लैंड को एनक्रोचमेंट से फ्री करने के लिए 15 दिनों के अंदर प्रोसेस शुरू करने का निर्देश दिया।
साथ ही प्रोसेस पूरा करने के लिए चार महीने का समय भी दिया। इस समय के अंदर लोनी रोड को एनक्रोचमेंट से फ्री करना होगा।
पिटीशनर ने कोर्ट को बताया कि मास्टर प्लान 2021 के अनुसार, रोड 45 मीटर चौड़ी होनी चाहिए, लेकिन अभी, रोड के बीच में गैर-कानूनी दुकानें, खोखे, वेंडर और बिजली के खंभे होने की वजह से यह काफी पतली हो गई है। इससे अक्सर ट्रैफिक जाम लगता है। भारी ट्रैफिक और पतली रोड की वजह से लोकल लोगों और पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही है।
15 दिनों के अंदर एनक्रोचमेंट हटाने का प्रोसेस शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए, चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने 15 दिनों के अंदर एनक्रोचमेंट हटाने का प्रोसेस शुरू करने का आदेश दिया। संबंधित अथॉरिटी को लीगल प्रोसेस को फॉलो करते हुए और एनक्रोचमेंट करने वालों को सुनवाई का मौका देते हुए यह काम चार महीने के अंदर पूरा करना होगा।
कोर्ट ने पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को तुरंत सर्वे करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि सर्वे पूरा होने के बाद, एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्निकल अप्रूवल लेकर सड़क चौड़ी करने का काम जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। बेंच ने उम्मीद जताई कि एक साल के अंदर काम शुरू हो जाएगा।
इससे पहले, नगर निगम ने कोर्ट को बताया था कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी अलग-अलग डिपार्टमेंट की है, जबकि सड़क चौड़ी करना पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के अधिकार क्षेत्र में आता है।
हाई कोर्ट के इस फैसले से लोनी रोड और आस-पास के इलाकों के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घनी आबादी वाले इलाके में अतिक्रमण हटाना और सड़क चौड़ी करना एडमिनिस्ट्रेशन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
