दिल्ली में आखिर कब तक ढहती रहेंगी इमारतें? मलबे में दबकर थमीं पिता-पुत्र की सांसें... सरकार से बड़ा सवाल
Delhi Building Collapse: दिल्ली के हर्ष विहार में मकान का लिंटर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मरने ...और पढ़ें
-1792993123046_m.webp)
दिल्ली के हर्ष विहार में हुआ दर्दनाक हादसा। जागरण
HighLights
हर्ष विहार में अवैध मकान का लिंटर ढहा, दो की मौत।
दिल्ली में अवैध निर्माण से लगातार हो रहे हादसे।
अधिकारियों की लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Delhi Building Collapse: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की सांसें टूट गईं। दिल्ली में हुआ यह हादसा नया है लेकिन, सवाल पुराना ही है। आखिर राजधानी में कब तक बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी?
सवाल यह भी है कि हर हादसे के बाद सरकार एक्शन में तो आती है लेकिन उसका असर बहुत लंबा नहीं दिखता। यही वजह है कि अधिकारी कुंभकरण की नींद सो जाते हैं और इतने में फिर कोई नए हादसे की खबर आ जाती है, जिससे दिल्ली के लोगों का दिल सहम उठता है। आइए बताएंगे कि दिल्ली में हाल में ही कब-कब बड़े हादसे हुए हैं...
ताजा हादसा
दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में रविवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां 200 गज में अवैध रूप से बनाए जा रहे एक मकान का लिंटर डालने के कुछ ही देर बाद ढह गया। इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई।

कब-कब हुए हादसे?
साकेत सैदुलाजाब
- 30 मई 2026: बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत ढही
- मौत: 6
- घायल: 8
रोहिणी सेक्टर-16
- 8 जुलाई 2026: निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढही
- मौतें: 3
सत्य निकेतन
- 6 सितंबर 2026: पांच मंजिला इमारत, जिसमें छात्र रहते थे, ढह गई
- मौतें: 7
- 12 लोगों को मलबे से निकाला गया।
दिलशाद गार्डन
- 29 सितंबर 2026: निर्माणाधीन ऊपरी मंजिल की दीवारें नीचे बेकरी पर गिरीं
- मौतें: 2
- घायल: 1
सीमापुरी
- 7 अक्टूबर 2026: पांच मंजिल मकान गिरा
- मौतें: 5
- घायल: 8
हर्ष विहार
- 25 अक्टूबर: मकान का लिंटर डालने के कुछ ही देर बाद ढह गया
- मौतें : 2
सिस्टम से सवाल?
दिल्ली में पिछले छह महीनों में 6 बड़े हादसे हो चुके हैं, इन हादसों में 25 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ज्यादातर हादसों के पीछे अवैध निर्माण ही वजह सामने आती है।

सवाल भी यही है कि आखिर जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी कैसे अपनी नाक के नीचे अवैध निर्माण होने देते हैं? अगर अधिकारी सही समय पर अपनी जिम्मेदारी उठाते तो शायद अवैध निर्माण की वजह से होने वाले हादसे रुक सकते थे।
अपनों को खोने वाले के सवाल?
दिल्ली में जब भी कोई बड़ा हादसा होता है तो मलबे के नीचे दबकर कई लोगों की सांसें टूट जाती हैं। इस दृश्य को जो भी कोई देखता है, उसके मन में सिर्फ एक सवाल आता है कि हे भगवान ऐसा हादसा किसी के साथ न हो। उनका सरकार से भी हर बार एक ही सवाल होता है कि आगे से ऐसा कोई हादसा न हो।
वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का भी सरकार से सवाल है कि आखिर दिल्ली में कब तक मलबे में दबकर लोगों की सांसें टूटती रहेंगी?
यह भी पढ़ें- दिल्ली के हर्ष विहार में बन रहा अवैध मकान ढहा,1 की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
