अब AI की मदद से चलेगी दिल्ली सरकार, सुशासन को मिलेगी रफ्तार; प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी
दिल्ली सरकार सुशासन और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करेगी। इसके तहत एआई ...और पढ़ें
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दिल्ली सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से चलेगी।
HighLights
दिल्ली सरकार सुशासन और प्रशासनिक कार्यों में एआई का उपयोग करेगी।
एआई ट्रेनिंग लैब सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस का प्रशिक्षण देगी।
एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हजारों रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से चलेगी, माना जा रहा है कि इससे सुशासन को रफ्तार मिल सकेगी। मगर माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार इसके माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज, पारदर्शी और अधिक नागरिक-केंद्रित बना सकती है।
मंगलवार को सूचना प्रोद्योगिकी (आइटी) मंत्री डॉ पंकज सिंह ने इस विभाग की समीक्षा बैठक में आइटी ट्रेनिंग लैब और प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एआई-सीओई) की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि विकास भवन-द्वितीय में तैयार की गई एआइ आधारित आईटी ट्रेनिंग लैब उद्घाटन के लिए तैयार है। फिलहाल प्रशिक्षण सामग्री और एआइ आधारित लर्निंग एप्लीकेशन तैयार किए जा रहे हैं। अगले एक महीने में लैब पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है। यहां सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस सिस्टम और एअाइ के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति पर भी चर्चा
समीक्षा के दौरान नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में स्थापित किए जाने वाले एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
उद्योग साझेदारों की प्रतिबद्धताएं और प्रदर्शन मानक जमा किए जा चुके हैं, जबकि समझौता ज्ञापन पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाने हैं। सरकार का लक्ष्य इन सेंटरों के माध्यम से 90 से 100 स्टार्टअप्स को सहयोग देना, छह से सात हजार लोगों को एआइ प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और एक हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना है।
कुछ प्रमुख क्षेत्र जहां एआई का होगा उपयोग
-फाइल और नोटिंग प्रबंधन- एआई फाइलों का स्वतः वर्गीकरण, प्राथमिकता निर्धारण और लंबित मामलों की पहचान कर अधिकारियों का समय बचाएगा।
-जन शिकायत निवारण: विभिन्न पोर्टलों, ईमेल और इंटरनेट मीडिया से आने वाली शिकायतों को एआइ स्वतः विभागवार वर्गीकृत कर संबंधित अधिकारी तक पहुंचाएगा और शिकायतों के समाधान की समय-सीमा पर नजर रखेगा।
-नीति निर्माण: विभिन्न विभागों के डेटा का विश्लेषण कर एआइ बताएगा कि किन क्षेत्रों में अधिक निवेश, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं या शिक्षा सुविधाओं की आवश्यकता है।
-स्वास्थ्य सेवाएं: सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ का पूर्वानुमान, बेड प्रबंधन, दवा की मांग का आकलन तथा रोग फैलने के शुरुआती संकेतों की पहचान भी कर सकेगा।
-राजस्व और कर प्रशासन: संपत्ति कर, जीएसटी और अन्य करों में संभावित अनियमितताओं तथा कर चोरी के पैटर्न की पहचान कर राजस्व संग्रह बढ़ाया में सहयोग करेगा।
