'कमीशनखोरी AAP के समय होती थी, हमने तो...', 'मल्हार' पुस्तक विवाद पर दिल्ली सरकार का करारा जवाब
दिल्ली सरकार ने 'मल्हार' हिंदी पाठ्यपुस्तक की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों को खारिज किया है।

HighLights
दिल्ली सरकार ने मल्हार पुस्तक खरीद आरोपों को नकारा।
किताब 28.61 रुपये में खरीदी, आप ने 55 रुपये में।
शिक्षा मंत्री ने आप पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कक्षा आठ की हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘मल्हार’ की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के आरोप पर दिल्ली सरकार ने जवाब दिया है। दिल्ली सरकार ने आप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने यह किताब एनसीईआरटी की ओर से निर्धारित 65 रुपये की कीमत से काफी कम, 28.61 रुपये में खरीदी है। सरकार इन किताबों को विद्यार्थियों को स्कूलों में मुफ्त वितरित करती है।
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ाई जा रही ‘मल्हार’ पुस्तक को एनसीईआरटी 65 रुपये में उपलब्ध कराती है। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने पुस्तक का आकार छोटा कराकर उसे एनसीईआरटी से अधिक कीमत पर खरीदा है।
सरकार के कामकाज को प्रभावित करने की है कोशिश
इसके जवाब में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस वार्ता कर कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है और सरकार के कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने ‘मल्हार’ पुस्तक 28.61 रुपये प्रति पुस्तक की दर से खरीदी है, जबकि आप सरकार के कार्यकाल में यही पुस्तक 55 रुपये में खरीदी जाती थी।
आशीष सूद ने आरोप लगाया कि किताबों की खरीद में कमीशनखोरी आम आदमी पार्टी की सरकार के समय होती थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने किताबों की खरीद कम कीमत पर की है।
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