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दिल्ली में मजबूत होंगे छोटे और मध्यम उद्योग, बाजार के लिए तैयार करने को सरकार की नई योजना

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:15 PM (IST)

दिल्ली सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत बनाने और उन्हें बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में एक नई पहल शुरू कर रही है।

देश-विदेश के बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में पहल शुरू हाेने जा रही है।

देश-विदेश के बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में पहल शुरू हाेने जा रही है।

HighLights

  1. छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत बनाने की सरकारी पहल।

  2. डीएसआईआईडीसी 6.11 करोड़ रुपये की लागत से योजना लागू करेगा।

  3. पहले चरण में 250 उद्योग चुने जाएंगे, महिला उद्योगों को प्राथमिकता।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत बनाने और उन्हें देश-विदेश के बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में पहल शुरू हाेने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्योगों की कामकाजी क्षमता बढ़ाना, उन्हें नए बाजारों से जोड़ने के साथ साथ तकनीक अपनाने में मदद कर उनकी उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाना है। दिल्ली में इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं ढांचागत विकास निगम (डीएसआइआइडीसी) को सौंपी गई है।

डीएसआइआइडीसी ने इसके लिए एक एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की है। इस पूरी पहल पर करीब 6.11 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 3.75 करोड़ रुपये आदर्श उद्योगों को विकसित करने और 2.36 करोड़ रुपये पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी तथा बेहतर प्रशासन से जुड़े मानकों की पहल पर खर्च किए जाएंगे। यह पहल केंद्र सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदर्शन सुधार योजना के तहत की जाएगी।

250 उद्योगों में कम से कम 80 महिला संचालित उद्योग होंगे

इस पहल के पहले चरण में 250 उद्योग चुने जाएंगे। इनमें ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनमें आगे बढ़ने की क्षमता हो। चुने जाने वाले 250 उद्योगों में कम से कम 80 महिला संचालित उद्योग होंगे। इसके बाद 10 विशेषज्ञों की टीम इन उद्योगों का विस्तृत अध्ययन करेगी। विशेषज्ञ उद्योगों का दौरा कर उनकी समस्याएं समझेंगे और सुधार के उपाय बताएंगे। उद्योगों को गुणवत्ता प्रमाणन, ऋण प्राप्त करने, तकनीक अपनाने, सरकारी मंजूरी लेने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में भी सहायता दी जाएगी।

बेहतर प्रशासन से जुड़े मानकों को समझने में मदद करेंगे

दूसरे चरण में 400 उद्योग शामिल होंगे। इनके लिए 10 बड़े सहयोगी उद्योग चुने जाएंगे, जो छोटे उद्योगों को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर प्रशासन से जुड़े मानकों को समझने में मदद करेंगे। पहले प्रत्येक उद्योग की मौजूदा स्थिति का आकलन होगा। इसमें ऊर्जा की खपत, पानी का इस्तेमाल, कचरे का प्रबंधन, प्रदूषण, कर्मचारियों की सुरक्षा और कामकाज की व्यवस्था जैसी चीजों को देखा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक उद्योग के लिए सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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