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दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, नीतियों और विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए 'DITI' का गठन

Published: Sun, 18 Oct 2026 04:26 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने विकास योजनाओं और नीतियों को दिशा देने के लिए दिल्ली इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (डीआईटीआई) का गठन किया है।

सीएम रेखा गुप्ता।

सीएम रेखा गुप्ता।

HighLights

  1. दिल्ली इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (डीआइटीआई) का गठन।

  2. विजन दिल्ली 2047 सहित विकास योजनाओं का रोडमैप तैयार करेगा।

  3. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष होंगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने विकास की योजनाओं और नीतियों को दिशा देने के लिए दिल्ली इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (डीआईटीआई) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।

यह संस्थान विजन दिल्ली 2047 सहित विभिन्न विकास योजनाओं का रोडमैप तैयार करने में सरकार की मदद करेगा। इसे नीति आयोग की तर्ज पर गठित किया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसकी गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष होंगी। संस्थान विभिन्न क्षेत्रों में शोध, नीतिगत विश्लेषण और योजनाओं के प्रभाव का आकलन करेगा। साथ ही विभागों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और जनसेवाओं में सुधार के लिए सुझाव देगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी बनाई गई है।

अध्यक्ष होंगी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

अधिसूचना के अनुसार, डीआइटीआई विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत रिसर्च और विश्लेषणात्मक अध्ययन शुरू करेगा और विभागों को कार्यक्रम के डिजाइन व लागू करने के लिए साक्ष्य आधारित सिफारिशें देगा। डेटा, प्रौद्योगिकी, साझेदारी और नीति अनुसंधान के जरिए सुधार के कल्चर को बढ़ावा देगा। डीआइटीआई गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी। सीएम ही बोर्ड के उपाध्यक्ष को नामित करेंगी।

बोर्ड के सदस्य के रूप में दिल्ली सरकार के सभी मंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव, डीडीए उपाध्यक्ष, एमसीडी आयुक्त व एनडीएमसी चेयरमैन होंगे। यह नया संस्थान दिल्ली सरकार के प्रमुख थिंक टैंक और नीति सलाहकार निकाय के रूप में काम करेगा।

बैठक के दौरान विशेष आमंत्रित में संबंधित विभाग के सचिव और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। सरकार से बाहर के विषय विशेषज्ञों को प्रति बैठक 10,000 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा दिल्ली के बाहर से आने वाले विषय विशेषज्ञों को यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता का भुगतान भी किया जाएगा। इसमें सरकार के विभिन्न विभागों के अलावा अग्रणी ज्ञान संस्थान (जीजीएसआइपीयू) के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।

बैठक के दौरान जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग के सचिव को विशेष आमंत्रित के रूप में बुलाया जाएगा। यहां बता दें कि पूर्व की आप सरकार में दिल्ली सरकार ने इसी तरह के कार्यों के लिए दिल्ली संवाद और विकास आयोग का गठन किया था जो विवादों में आ गया था।

यह संस्थान शुरुआत में मुख्य रूप से 8 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा

  • अर्थव्यवस्था और वित्त
  • पर्यावरण और पारिस्थितिकी
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक क्षेत्र
  • शिक्षा
  • शहरी विकास और बुनियादी ढांचा
  • सतत विकास लक्ष्य
  • आईटी और डेटा एनालिटिक्स

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