राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : भाजपा शासित मध्यप्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' की तर्ज पर दिल्ली सरकार भी बुजुर्गो को तीर्थयात्रा कराएगी। मंगलवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने चार अहम फैसले लिए, जिसमें तीर्थयात्रा योजना भी शामिल है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इन फैसलों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से अधिक) को मुफ्त में तीर्थस्थलों की यात्रा कराई जाएगी। एक साल में 77,000 लोग तीर्थयात्रा पर जा सकेंगे। तीन दिन और दो रात की यात्रा होगी। अभी पाच रूट तय किए गए हैं। इनमें मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार-ऋषिकेश-नीलकंठ, पुष्कर-अजमेर, अमृतसर-बाघा-आनंदपुर साहिब, वैष्णो देवी-जम्मू शामिल हैं। इन सभी रूट पर एक-एक एसी बस चलेगी। यात्रियों के रहने का नाश्ते व भोजन का खर्च सरकार उठाएगी। प्रत्येक यात्री का 2 लाख रुपये का बीमा भी होगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में से हर साल 1100 लोगों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।

ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके से आवेदन संभव

तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे या फिर स्थानीय विधायक, डीसी ऑफिस व तीर्थयात्रा विकास समिति में किसी एक जगह आवेदन जमा करा सकेंगे। नियत संख्या से ज्यादा आवेदन मिलने पर सरकार ड्रॉ निकालेगी। जिन लोगों का ड्रॉ में नाम होगा, वे यात्रा पर जा सकेंगे। बाकी की वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी।

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बाहरी दिल्ली के लिए एक हजार बसें खरीदने को मंजूरी

कैबिनेट ने एक हजार नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अधिकतर बसें बाहरी दिल्ली के लिए होंगी। रेवला खानपुर के लिए 100, द्वारका सेक्टर 22 के लिए 250, खड़खड़ी नाहर के लिए 120, बवाना सेक्टर-1 के लिए 90, रानी खेड़ा के लिए 440 बसें होंगी। ये नॉन एसी और स्टैंडर्ड फ्लोर की होंगी। बसें 8 महीने के भीतर आ जाएंगी।

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खेल प्रतिभाओं को आर्थिक सहायता

दिल्ली सरकार उभरती खेल प्रतिभाओं को आर्थिक सहायता देगी। स्कूलों में पढ़ने वाले अंडर-14 के बच्चों को दो लाख रुपये तक की धनराशि यात्रा, खाने-पीने और एक लाख रुपये तक की राशि कोचिंग के लिए मुहैया कराई जाएगी। अंडर-17 के बच्चों को तीन लाख रुपये तक की राशि यात्रा, खाने-पीने के लिए और एक लाख रुपये तक की राशि कोचिंग के लिए दी जाएगी। इस स्कीम के तहत पांच लाख रुपये का मेडिकल और पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी शामिल है। एक अनुमान के अनुसार दिल्ली के करीब छह सौ बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। इनके चयन प्रक्रिया और फंडिंग तय करने के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी।

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स्कूलों में डास ट्रेनिंग की सुविधा

दिल्ली सरकार कला, संस्कृति, डास, थियेटर, फाइन आर्ट, क्राफ्ट आदि की ट्रेनिंग देने वालों के लिए सरकारी स्कूलों के दरवाजे खोल रही है। निजी अकादमी चलाने वाले लोग आवेदन कर सकेंगे। सरकार, साहित्य कला परिषद की मदद से आने वाले आवेदनों से चयन करेगी। शाम के समय सरकारी स्कूलों की सुविधाओं इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी। प्रशिक्षक जितने बच्चों को प्रशिक्षण देंगे, उनमें से आधे सरकारी स्कूलों के होंगे, जिनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। बाकी अन्य बच्चों से वे अपने हिसाब से शुल्क ले सकेंगे।

Edited By: Jagran