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गैंगस्टर अब बन रहे आतंकी मोहरे... दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में बन रहा 'गठजोड़', NIA ने दी चेतावनी

Published: Wed, 18 Mar 2026 06:10 PM (IST)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 'गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़' राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

'गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़' राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। फाइल फोटो

'गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़' राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारत में विशेष रूप से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ''गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़'' राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की हालिया रिपोर्ट्स से साफ है कि दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों के दर्जनों बड़े गैंगस्टर केवल स्थानीय गुंडे नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के मोहरे बन गए हैं।

नेक्सस को तोड़ने की कोशिश

एनआइए ने इनके नेक्सस को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पिछले डेढ़ दो साल पहले दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में कई गैंगस्टरों व उनसे जुड़े लोगों के घरों व अन्य ठिकानों पर कई बार छापेमारी कर बड़ी संख्या में अवैध हथियार, गोला बारूद व नकदी आदि बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए। बाद में दिल्ली पुलिस ने भी एनसीआर व पड़ोसी राज्योें में इस तरह की तीन चार कार्रवाई की, लेकिन गैॅंगस्टरों के आतंक पर अंकुश नहीं लग पाया।

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कहां से है कौन आतंकी?

नासिक का रहने वाला लखबीर सिंह रिंडा, खालिस्तानी आतंकियों के सहयोग से पाकिस्तान चला गया। वहां रहकर वह आइएसआइ के लिए काम करने लगा। स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि यह नेक्सस केवल अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अखंडता पर हमला कर रहा है।

इसके घातक होने के कई मुख्य कारण हैं। जिनमें एक टारगेट किलिंग है। आतंकी संगठन (जैसे बीकेआइ या केटीएफ) इन गैंगस्टरों के शूटरों का उपयोग धार्मिक नेताओं, गायकों (जैसे सिद्धू मूसेवाला) और राजनीतिक हस्तियों की हत्या के लिए करते हैं। इससे समाज में अस्थिरता और सांप्रदायिक तनाव पैदा होता है। पाकिस्तान स्थित आतंकी आका गैंगस्टरों को ड्रोन्स के जरिए हथियार और हेरोइन भेजते हैं।

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स्थानीय गैंगस्टर इन सामानों की डिलीवरी लेते हैं और उन्हें पूरे उत्तर भारत में फैलाते हैं। इस पैसे का उपयोग आतंकी गतिविधियों की फंडिंग में होता है। टेरर फंडिंग और रंगदारी वसूली का मामला आए दिन सामने जाते हैं। दिल्ली एनसीआर के बड़े व्यापारियों से वसूला गया प्रोटेक्शन मनी (रंगदारी) हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता है, जिसे बाद में भारत विरोधी गतिविधियों में निवेश किया जाता है।

जेलों के भीतर से होती है विदेशी हैंडलर्स से बात

जेलों के भीतर से मोबाइल और इंटरनेट के जरिए ये गैंगस्टर विदेशी हैंडलर्स से बात करते हैं, जिससे कानून व्यवस्था को चुनौती देना आसान हो जाता है। हालांकि सरकार और एनआइए गैंगस्टराें के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इसी का नतीजा है कि कुछ साल पहले गोल्डी बराड़, लखबीर सिंह रिंडा और अर्श डल्ला जैसे कई बड़े गैंगस्टरों को सरकार ने ''आतंकवादी'' घोषित कर दिया है।

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एनआइए ने दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में गैंगस्टरों के मददगारों की संपत्तियों को कुर्क किया है। भारत सरकार ने कनाडा, अमेरिका और यूएई जैसी सरकारों पर दबाव बनाया है ताकि उनके देशों में छिपे अपराधियों काे भारत को प्रत्यर्पित किया जा सके। पिछले एक दो वर्षों में कई गैंगस्टरों व उनके प्रमुख सहयोगियों को विदेश से डिपोर्ट किया गया है।

स्पेशल सेल के अधिकारी का कहना है कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय गैंगस्टर अब ''हाइब्रिड अपराधी'' बन चुके हैं जो दिन में फिरौती मांगते हैं और रात में आतंकी एजेंडे पर काम करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए असली चुनौती इनकी ''स्लीपर सेल'' कार्यप्रणाली और अत्याधुनिक तकनीक (जैसे एनक्रिप्टेड मैसेजिंग) को भेदना है।

प्रमुख गैंगस्टर और उनके आतंकी लिंक

गैंगस्टर का नाम मुख्य क्षेत्र आतंकी/विदेशी जुड़ाव वर्तमान स्थिति
1. लारेंस बिश्नोई दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व हरियाणा बब्बर खालसा इंटरनेशनल और कनाडा स्थित खालिस्तानी गुट साबरमती जेल (गुजरात) में बंद
2. गोल्डी बराड़ पंजाब व कनाडा पाकिस्तानी आइएसआइ और खालिस्तानी आतंकी रिंदा के साथ सरकार द्वारा ''आतंकवादी'' घोषित, कनाडा में छिपा
3. अर्श डल्ला पंजाब खालिस्तान टाइगर फोर्स और अर्शदीप गिल कनाडा में हाल ही में गिरफ्तार हुआ है, उसके प्रत्यर्पण की कोशिश जारी
4. अनमोल बिश्नोई दिल्ली-एनसीआर अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करों अमेरिका व अन्य देशों से नेटवर्क संचालित
5. लखबीर सिंह रिंडा पंजाब व कनाडा बब्बर खालसा और आएसआइ सीमा पार से हथियार और ड्रग्स की तस्करी

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