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यमुना की निगरानी के लिए खरीदी जाएंगी हाईटेक बोट, ट्रैकिंग-AC केबिन समेत क्‍या-क्‍या होगा खास?

Published: Wed, 18 Mar 2026 05:42 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 18 Mar 2026 05:51 PM (GMT+05:30)

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के वीआईपी निरीक्षण और निगरानी के लिए 6.2 करोड़ रुपये की लागत से दो वातानुकूलित और अत्याधुनिक नावें खरीदने का निर्णय लिया है।

दिल्ली सरकार ने अत्याधुनिक नावें खरीदने का निर्णय लिया है। इमेज एआई जेनरेटेड

दिल्ली सरकार ने अत्याधुनिक नावें खरीदने का निर्णय लिया है। इमेज एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. दिल्ली सरकार खरीदेगी दो अत्याधुनिक वातानुकूलित नावें।

  2. 6.2 करोड़ रुपये की लागत से यमुना की निगरानी होगी।

  3. नावों में वीआईपी निरीक्षण हेतु सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के वीआइपी निरीक्षण एवं निगरानी के लिए वातानुकूलित तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त दो नावें खरीदने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। दोनों नावों की खरीद पर लगभग 6.2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक नाव की अनुमानित कीमत लगभग 3.1 करोड़ रुपये होगी।

यमुना की सफाई पर विशेष जोर

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यमुना की सफाई पर सरकार का विशेष जोर है। उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से नदी का निरीक्षण करते हैं। आने वाले समय में ऐसी गतिविधियां और बढ़ेंगी। वर्तमान में विभाग के पास अपनी नाव नहीं है। आवश्यकता अनुसार किराये पर नाव ली जाती है।इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

नाव इतनी सुविधाएं होंगी उपलब्ध 

प्रत्येक नाव में 16 से 20 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता वाला केबिन होगा। भोजन परोसने के लिए पेंट्री, शौचालय तथा चार सौ लीटर ताजे पानी के भंडारण की सुविधा होगी। नाव के खुले हिस्से में चार व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इनमें तीन सौ हार्स पावर के फोर-स्ट्रोक इंजन लगे होंगे।

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नावों में ट्रैकिंग प्रणाली, वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (वीएचएफ) रेडियो संचार स्टेशन, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन चिकित्सा उपकरण तथा पांच सौ मीटर तक की जल गहराई मापने में सक्षम डेप्थ साउंडर लगे होंगे। नाव आपूर्ति करने वाली एजेंसी दो वर्षों तक इनका रखरखाव भी करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इन नौकाओं का उपयोग निरीक्षण के साथ-साथ निगरानी के लिए भी किया जा सकेगा। इससे मानसून के दौरान नदी की निगरानी तथा बचाव कार्यों में आसानी होगी। छठ पूजा जैसे आयोजनों में भी इससे बेहतर ढंग से निगरानी संभव हो सकेगी।

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