दिल्ली में बैठकर अमेरिकियों से ठगी, Apple का टेक्निकल असिस्टेंट बनकर चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर; 6 गिरफ्तार
पश्चिमी दिल्ली साइबर पुलिस ने एप्पल कंपनी का तकनीकी सहायक बताकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल ...और पढ़ें

तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर स्थित इमारत की चौथी मंजिल पर चल रहे इस काॅल सेंटर से दो युवतियों समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। एआई इमेज
HighLights
पश्चिमी दिल्ली में फर्जी एप्पल सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़।
अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगा गया।
तिलक नगर से छह आरोपित गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद।
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को एप्पल कंपनी का तकनीकी सहायक बताकर ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय फर्जी काॅल सेंटर का पश्चिमी जिले की साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर स्थित इमारत की चौथी मंजिल पर चल रहे इस काॅल सेंटर से दो युवतियों समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों से कई इलेक्ट्राॅनिक उपकरण बरामद
गिरफ्तार आरोपितों में नागालैंड निवासी डेविड उर्फ माइक, दिल्ली निवासी अभिषेक खुंगर उर्फ जान, तंजीम उर्फ एडेन ब्राउन, प्रभात सिंह उर्फ आदम, सेवीनार और हेलेना शामिल हैं। पुलिस ने मौके से चार लैपटाॅप, आठ मोबाइल फोन और कई अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरण बरामद किए हैं।
संदेश में एक टाेल फ्री नंबर दिया जाता
पुलिस के अनुसार, आरोपित अमेरिकी नागरिकों के मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों पर फर्जी पाप-अप संदेश भेजते थे। संदेश में दावा किया जाता था कि उनकी एप्पल आइडी से ऐप स्टोर पर 149.99 अमेरिकी डालर का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। खाते को सुरक्षित रखने और समस्या दूर करने के नाम पर संदेश में एक टाेल फ्री नंबर दिया जाता था।
खुद को एप्पल का तकनीकी सहायक बताते
पीड़ित जब उस नंबर पर फोन करते थे, तो आरोपित एक्स-लाइट और माइक्रो एसआईपी डायलर के जरिये उनकी काॅल रिसीव करते थे। वे खुद को एप्पल का तकनीकी सहायक बताकर भरोसा जीतते और व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते थे।
इसके बाद बैंक अधिकारी बनकर काल ट्रांसफर करने और समस्या सुलझाने का झांसा दिया जाता था। आरोपित पीड़ितों से वालमार्ट या एप्पल के गिफ्ट कार्ड के जरिये रकम लेते थे। वे अमेरिकी नागरिकों से बातचीत के लिए अंग्रेजी में तैयार विशेष स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते थे।
वेब कैम पर काली टेप चिपकी मिली
गुप्त सूचना पर साइबर पुलिस थाने की टीम ने चल रहे इस फर्जी काल सेंटर पर छापेमीरी की थी। जांच में सभी इस्तेमाल किए जा रहे लैपटाॅप के वेब कैम पर काली टेप चिपकी मिली। पुलिस को आशंका है कि ऐसा गतिविधियों की रिकाॅर्डिंग से बचने के लिए किया गया होगा।
पुलिस के अनुसार, आरोपित बिना वैध लाइसेंस या प्राधिकरण के वीओआईपी काॅलिंग और अवैध टेलीकाम नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय काल कर रहे थे। इस गतिविधि में टेलीकाम नियमों के उल्लंघन और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने का मामला भी सामने आया है।
ऐंठी गई रकम की जानकारी जुटा रही पुलिस
छापेमारी में चार लैपटाॅप, आठ मोबाइल फोन, चार हेडफोन, चार लैपटाॅप चार्जर, दो वाई-फाई राउटर और मोडेम एडाॅप्टर बरामद किए गए। लैपटाप में एचपी और लेनोवो, जबकि मोबाइल फोन में आईफोन, रेडमी और वीवो समेत विभिन्न कंपनियों के उपकरण मिले हैं। पुलिस गिरोह के नेटवर्क, ठगी के शिकार अमेरिकी नागरिकों और उनसे ऐंठी गई रकम की जानकारी जुटा रही है।
