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ग्लोबल मॉडल बनेगी दिल्ली की नई EV पॉलिसी! ई-वाहन से सब्सिडी हटाने के प्रस्ताव के बीच मिले 700 सुझाव

Published: Mon, 11 May 2026 09:51 PM (IST)

दिल्ली सरकार को प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के मसौदे पर 700 आपत्ति-सुझाव मिले हैं, जिनमें बैटरी, चार्जिंग और स्क्रैप से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

दिल्ली सरकार को प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के मसौदे पर 700 आपत्ति-सुझाव मिले हैं। जागरण

दिल्ली सरकार को प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के मसौदे पर 700 आपत्ति-सुझाव मिले हैं। जागरण

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 पर दिल्ली सरकार को 700 आपत्ति- सुझाव मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी, चार्जिंग प्वाइंट व पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के संबंध में भी कई सुझाव आए हैं।

कुछ सुझावों में ई-ऑटो के लिए अलग परमिट, गिग वर्करों के लिए दोपहिया वाहनों पर अधिक सब्सिडी, स्कूलों के लिए ई-बस बेड़े का विस्तार व चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना पर सब्सिडी शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2026 का मसौदा 10 अप्रैल को सार्वजनिक किया गया था, जिसमें हितधारकों से एक महीने के भीतर प्रतिक्रिया और सुझाव मांगे गए थे। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि परामर्श प्रक्रिया के दौरान कई 'रचनात्मक और गहन' सुझाव सामने आए हैं, जिनकी सरकार द्वारा सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा, 'हितधारकों से प्राप्त उपयुक्त सिफारिशों और व्यावहारिक सुझावों को नीति को अधिक मजबूत, समावेशी और कार्यान्वयन-केंद्रित बनाने के लिए जहां भी उचित पाया जाएगा, शामिल किया जाएगा।'

परिवहन मंत्री ने कहा कि ईवी नीति को लेकर आए लगभग 700 आपत्ति- सुझावों में आम जनता के लगभग 400 लोग शामिल थे, जैसे व्यक्ति, वाहन मालिक, यात्री, निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए), छात्र, डिलीवरी राइडर और गिग वर्कर। उन्होंने बताया कि उद्योग जगत के हितधारकों से लगभग 200 सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) और उनके संघ, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग आपरेटर, वाहन स्क्रैपर, बैटरी रीसाइक्लर, बिजली वितरण कंपनियां और फ्लीट एग्रीगेटर शामिल हैं।

स्कूलों, गैर-सरकारी संगठनों, थिंक टैंक, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, परामर्श संगठनों, पर्यावरण समूहों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नीति सलाहकार निकायों, व्यापार संघों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा 50 से अधिक सुझाव प्रस्तुत किए गए।

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग को विभिन्न सरकारी विभागों, मंत्रालयों और वैधानिक प्राधिकरणों से लगभग एक दर्जन सुझाव प्राप्त हुए हैं।

ईवी नीति के मसौदे में दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए कई तरह की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिनमें नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर एक लाख रुपये तक के प्रोत्साहन को समाप्त करना, सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में छूट, नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी और नए ई-ऑटो पर 50,000 रुपये तक की सब्सिडी शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि अंतिम दिल्ली ईवी नीति 2026 को एक व्यापक और प्रगतिशील ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एक ऐसा मानक माडल बनाना है जो न केवल अन्य भारतीय शहरों के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक उदाहरण के रूप में काम कर सके।

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