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दिल्ली के फुटपाथों पर EV चार्जिंग स्टेशन, पैदल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; ट्रैफिक जाम का खतरा

Published: Tue, 10 Mar 2026 08:31 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में फुटपाथों पर बन रहे ईवी चार्जिंग स्टेशन पैदल चलने वालों और यातायात के लिए गंभीर समस्या पैदा कर ...और पढ़ें

रफी मार्ग पर फुटपाथ पर चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज हो रही कार के सामने से गुजरते रहागीर। जागरण

रफी मार्ग पर फुटपाथ पर चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज हो रही कार के सामने से गुजरते रहागीर। जागरण


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नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों और कॉलोनियों में EV चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां फुटपाथ पर पैदल चलने वालों के लिए मुश्किल से ही जगह होती है। चार्जिंग के लिए सड़क पर गाड़ियाँ पार्क करने से न सिर्फ ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है, बल्कि पैदल चलने वाले भी फुटपाथ पर नहीं चल पा रहे हैं। सड़क पर चलने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।

यह स्थिति दिल्ली के लगभग हर इलाके में है। साउथ दिल्ली के अधचीनी और सुखदेव विहार जैसे इलाकों के साथ-साथ आउटर दिल्ली के बादली क्रॉसिंग, प्रशांत विहार और रोहिणी में भी यह समस्या गंभीर है।

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बंगला साहिब रोड पर खराब पड़े चार्जिंग स्टेशन के सामने खड़ी कार। जागरण

ईस्ट दिल्ली के शाहदरा GT रोड, IP एक्सटेंशन और प्रीत विहार में भी चार्जिंग स्टेशन खराब हालत में हैं। लुटियंस दिल्ली में कुछ खराब काम कर रहे चार्जिंग स्टेशनों के सामने पार्किंग की जगह बनाई गई है। गोल मार्केट काली मंदिर के पास फुटपाथ पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है, वह भी खराब हालत में है।

साउथ दिल्ली में पैदल चलने वालों के बाधित चार्जिंग स्टेशन 

साउथ दिल्ली के सर्वोदय एन्क्लेव और अधचीनी में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सेंटर दो लेन वाले फुटपाथ पर बने हैं, जबकि आस-पास कई बैंक ब्रांच हैं। वहां के लोगों के मुताबिक, इससे उन्हें फुटपाथ पर चलने में दिक्कत होती है और सड़क पर हमेशा जाम रहता है।

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कनॉट प्लेस पर खराब पड़े चार्जिंग स्टेशन के सामने खड़ी कार। जागरण

इसलिए, सर्वोदय एन्क्लेव की सड़क से बैंक तक पैदल चलना एक असली खतरा माना जाता है। चार्जिंग स्टेशन बनाते समय इस बात का कोई ध्यान नहीं रखा गया कि कार और बाइक सड़क किनारे चार्जिंग के लिए कहां रुकेंगे। महरौली-IIT रोड पर अधचीनी रेड लाइट के पास एक चार्जिंग स्टेशन और चार बैटरी स्वैपिंग टावर लगाए गए हैं। इसे इस तरह से बनाया गया है कि एक बार में सिर्फ एक ही गाड़ी अंदर जा सके।

अंदर यू-टर्न लेने की जगह नहीं है, जिससे गाड़ियों को मेन रोड पर रिवर्स करना पड़ता है। इसी तरह, BSES ने हाल ही में जामिया-मोदी मिल रोड पर सुखदेव विहार रेड लाइट पर फुटपाथ पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाया है। इससे एक साथ दो गाड़ियां चार्ज हो सकती हैं। इसके लिए फुटपाथ पर ही निशान बनाए गए हैं।

बाहरी दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन से पैदल चलने वालों की परेशानी बढ़ी

बादली क्रॉसिंग पर फुटपाथ पर लगाए गए ई-गाड़ी चार्जिंग पॉइंट से पैदल चलने वालों की परेशानी बढ़ गई है। तीन और चार पहिया गाड़ियों को चार्ज करने के लिए बनाया गया यह स्टेशन फुटपाथ का एक बड़ा हिस्सा घेरता है, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।

यह चार्जिंग पॉइंट एक बार में तीन गाड़ियों को चार्ज कर सकता है। चार्जिंग के दौरान, गाड़ियां वहां लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिससे फुटपाथ पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है। लोगों का कहना है कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाया गया है, लेकिन यहां इसका इस्तेमाल गाड़ियों को पार्क करने और चार्ज करने के लिए किया जा रहा है।

इसी तरह, DDA मार्केट के पास सर्विस रोड पर एक चार्जिंग पॉइंट लगाया गया है, लेकिन यह दो साल से बंद है। यह स्टेशन अब बेकार हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने इस पॉइंट को हटा देना चाहिए। इससे गाड़ियों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आएगी। इससे एक्सीडेंट भी हो सकते हैं।

इस बीच, रोहिणी में काली माता मंदिर के पास फुटपाथ पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। एलिवेटेड रोड पर फुटपाथ पर बने इस स्टेशन पर बहुत कम लोग अपनी गाड़ियां चार्ज करते हैं। फुटपाथ के एक तरफ सर्विस मिलती है, जबकि दूसरी तरफ आउटर रिंग रोड है। चार्जिंग के लिए सर्विस रोड और आउटर रिंग रोड दोनों जगह गाड़ियां पार्क की जाती हैं।

दिल्ली में जरूरत से बहुत कम चार्जिंग स्टेशन

राजधानी दिल्ली में अभी 8,998 चार्जिंग पॉइंट हैं, जबकि ज़रूरत 36,177 की है। सरकार दिसंबर तक चार्जिंग पॉइंट की संख्या बढ़ाकर 16,070 करने पर काम कर रही है। पब्लिक सेक्टर की कंपनियों और प्राइवेट बिजली कंपनियों को EV चार्जिंग स्टेशन लगाने की इजाजत दे दी गई है।

MCD ने भी अलग-अलग इलाकों में जमीन दी है और पब्लिक पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन लगाने की इजाज़त दी है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड मेट्रो स्टेशनों के पास चार्जिंग स्टेशन लगाने में मदद कर रहा है। ट्रांसको के मुताबिक, जहां भी स्टेशन बन रहे हैं, वहां पार्किंग की जगह का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

वहीं, BSES के एक अधिकारी के मुताबिक, RWA या MCD की रिक्वेस्ट पर उनके पास मौजूद जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। MCD के प्रेस और सूचना निदेशक अनिल यादव से टिप्पणी मांगी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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